सरगुजा

युवा साहित्यकार अमित यादव को मिला ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान’, संघर्षों के बीच रचा साहित्यिक मुकाम
14-Jan-2026 10:44 PM
युवा साहित्यकार अमित यादव को मिला ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान’, संघर्षों के बीच रचा साहित्यिक मुकाम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर,14 जनवरी। संघर्ष भरे जीवन में साहित्य को अपना आधार बनाकर पहचान बनाने वाले सरगुजा के युवा साहित्यकार अमित यादव को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया है। महज 26 वर्ष की उम्र में यह सम्मान प्राप्त कर अमित यादव ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे सरगुजा अंचल का नाम रोशन किया है। यह सम्मान स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर कला एवं साहित्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को प्रदान किया गया।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश स्तर पर कुल 9 युवाओं का चयन किया गया, जिनमें सरगुजा जिले से अमित यादव को साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए चुना गया। इस अवसर पर एक ग्रुप अवार्ड के लिए 5 लाख रुपये तथा 8 व्यक्तिगत पुरस्कारों के लिए एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।

अमित यादव ने बताया कि लेखन की शुरुआत उन्होंने वर्ष 2017 में 12वीं कक्षा के दौरान की थी। बड़े साहित्यकारों की रचनाओं से प्रेरित होकर उन्होंने लिखना शुरू किया। अब तक वे तीन पुस्तकें अनकहे अल्फाज़, अमित हिडेन वर्ड्स और मैं तुम्हें जानता हूं—लिख चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने दो पुस्तकों का संकलन किया है और 25 से अधिक पुस्तकों में सह-लेखक के रूप में योगदान दिया है। साथ ही वे गीत लेखन में भी सक्रिय हैं, जिनमें से चार गीत रिलीज हो चुके हैं।

साधारण परिवार से आने वाले अमित यादव के पिता वर्तमान में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी में नाइट ड्यूटी करते हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बीच पढ़ाई और नौकरी के साथ लेखन को जारी रखते हुए अमित ने यह मुकाम हासिल किया। वर्तमान में वे एक निजी एनजीओ में कार्यरत हैं।

अमित का कहना है कि लेखन उनके लिए शौक नहीं बल्कि जुनून है। वे प्राय: रात के शांत समय में लिखते हैं। वर्तमान में वे अपनी चौथी पुस्तक, जो कहानी संग्रह होगी, पर काम कर रहे हैं। यह सम्मान उनके संघर्ष, समर्पण और साहित्य के प्रति निष्ठा का प्रमाण है।


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