सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 5 जनवरी। उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड ने अपना तेवर और कड़ा कर लिया है। सोमवार सुबह पूरे सरगुजा संभाग में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम हो गई। सडक़ों पर वाहनों की रफ्तार थम-सी गई और लोगों को सफर में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे तथा पाट क्षेत्रों में 3 डिग्री दर्ज किया गया है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर में कमी आने के बाद सरगुजा में पुन: शीतलहर का दौर शुरू हो गया है। बीते तीन दिनों से बादल छाए रहने के कारण लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली थी, लेकिन मौसम साफ होते ही न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान घटकर 4.8 डिग्री पहुंच गया है।
दिन चढऩे पर भी नहीं छंटा कोहरा
रविवार देर रात से कोहरा छाने लगा, जो सोमवार सुबह तक घने रूप में बदल गया। सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया रहा, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। सूर्य न दिखने के कारण दिन के समय भी सर्द हवाओं का असर जारी रहा। रविवार को अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
पाट क्षेत्रों में पाला पड़ा
मैनपाट, सामरी पाट और सोनहत सहित ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान 3 डिग्री तक गिर गया, जहां सोमवार को पाला जमने की स्थिति बनी रही। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान और गिरने की आशंका जताई है।
शीतलहर का अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहर का दौर एक सप्ताह तक जारी रह सकता है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे और अधिकतम 20 डिग्री से कम रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञानी ए.एम. भट्ट ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ते ही उत्तरी हवाओं का प्रभाव बढ़ा है, जिसके चलते तापमान में गिरावट आई है तथा वातावरण में नमी अधिक होने से घना कोहरा बन रहा है।
ठंड और कोहरे के बीच लोग अलाव जलाकर ठिठुरन से बचते नजर आए। वहीं सोमवार सुबह स्कूली बच्चे भी ठंड का सामना करते हुए स्कूल पहुंचे। चिकित्सकों ने लोगों को विशेष एहतियात बरतने और गर्म कपड़ों का उपयोग करने की सलाह दी है।


