सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 1 जनवरी। सरगुजा जिले के सीतापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भारतपुर के लकरालता टोला में सडक़ सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को शव खाट पर रखकर करीब ढाई किलोमीटर पैदल ले जाना पड़ा। यह घटना 31 दिसंबर की है, जब सुरेंद्र तिर्की का शव गांव के चीनी पानी तालाब से बरामद किया गया।
परिजनों के अनुसार सुरेंद्र तिर्की मछली पकडऩे के दौरान फिसलकर तालाब के गहरे पानी में चले गए थे, जिससे उनकी डूबने से मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सीतापुर भेजने के निर्देश दिए।
हालांकि, लकरालता टोला तक पक्की सडक़ नहीं होने और वाहन के नहीं पहुंच पाने के कारण ग्रामीणों ने शव को खाट पर रखकर पैदल ही भारतपुर तक पहुंचाया। वहां से शव को वाहन के माध्यम से अस्पताल ले जाया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को उसी मार्ग से गांव वापस लाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि लकरालता टोला पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां लगभग 13-14 परिवार निवास करते हैं। क्षेत्र में वन विभाग की कच्ची सडक़ है, लेकिन नाले पर पुलिया नहीं होने के कारण चारपहिया वाहनों का आवागमन संभव नहीं हो पाता।
इस संबंध में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि लकरालता टोला तक सडक़ निर्माण की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है और जनवरी से निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सडक़ की आवश्यकता को प्राथमिकता में रखा गया है।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों की सडक़ निर्माण की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है।


