सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 1 जनवरी। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही बुधवार को उस समय सामने आई, जब बी.कॉम तृतीय सेमेस्टर (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट) की परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों को समय पर प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं कराया जा सका। उन्होंने नाराजगी जताई।
विद्यार्थियों का आरोप है कि सुबह 9 बजे निर्धारित परीक्षा में उनको डेढ़ घंटे तक खाली बैठे रहना पड़ा, जिससे वे मानसिक तनाव में रहे।
विश्रामपुर महाविद्यालय में हुई इस अव्यवस्था के विरोध में आजाद सेवा संघ के रचित मिश्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर परीक्षा प्रणाली में भारी चूक का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से संबद्ध लगभग 90 महाविद्यालयों में ऐसी ही स्थिति होने की आशंका है, जो परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
रचित मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि डेढ़ घंटे की देरी के बाद परीक्षा रद्द की जानी चाहिए थी, क्योंकि इतने समय तक प्रतीक्षा के बाद छात्र एकाग्रता के साथ परीक्षा नहीं दे सकते। उन्होंने इसे परीक्षा विभाग की ‘ऐतिहासिक विफलता’ करार दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे कई छात्रों को घर लौटने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देर से परीक्षा समाप्त होने के कारण उनकी बसें छूट गईं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ा।
आजाद सेवा संघ ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय ने जवाबदेही तय नहीं की, तो छात्र हितों की रक्षा के लिए आंदोलन किया जाएगा।


