सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 30 दिसंबर। उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहर का असर तेज हो गया है। पाट क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मंगलवार को पूरे संभाग में घना पाला पड़ा। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान गिरकर 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। वहीं पाट इलाकों में पारा 1.5 से 2 डिग्री के बीच पहुंच गया। मौसम विभाग ने 31 दिसंबर तक शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
उत्तरी सर्द हवाओं के प्रभाव से संभाग में तापमान तेजी से गिर रहा है। मौसम साफ रहने के कारण रात के समय पाले की परत जम रही है। पाट क्षेत्रों में खेत-खलिहानों पर पाले की सफेद चादर दिखाई दे रही है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी ओस की बूंदें जमने लगी हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4.8 से घटकर 3.5 डिग्री पर आ गया। हालांकि दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिक ए.एम. भट्ट ने बताया कि उत्तरी दिशा से चल रही ठंडी हवाएं लगातार प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। जनवरी के पहले सप्ताह तक भी कड़ाके की ठंड बने रहने के आसार हैं।
तेज ठंड के कारण शाम ढलते ही सडक़ों से रौनक गायब हो रही है। पाट से लेकर मैदानी गांवों और शहर में लोग अलाव का सहारा लेकर ठंड से बचाव करते नजर आ रहे हैं।


