सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 30 दिसंबर। सरगुजा प्रवास पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि रामगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर को खतरा है।
बघेल ने कहा कि रामगढ़ को उनकी सरकार ने राम वनगमन पर्यटन परिपथ में शामिल कर विकसित किया था, लेकिन अब एसईसीएल प्रभावितों को मुआवजा दिए बिना क्षेत्र में खुदाई कर रही है।
इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है। उन्होंने रायगढ़ के तमनार में चल रहे आंदोलन और आगजनी की घटनाओं का भी उल्लेख किया।
बघेल ने कहा कि प्रभावितों की बात न सुने जाने से लोगों में आक्रोश फैल रहा है और वर्तमान सरकार ‘सत्ता के नशे’ में है। निजी प्रवास के दौरान कांग्रेस के भीतर गुटबाजी भी साफ नजर आई, जहां स्वागत कार्यक्रमों में कुछ वरिष्ठ नेता अनुपस्थित रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पं. धीरेंद्र शास्त्री पर भी निशाना साधते हुए उन्हें ‘ढोंगी’ बताया और आरोप लगाया कि वे अंधविश्वास फैलाकर लोगों से चंदा वसूलते हैं।
बघेल ने स्पष्ट किया कि सरगुजा का उनका दौरा राजनीतिक नहीं, बल्कि निजी और कार्यकर्ताओं से मुलाकात हेतु है।
सूरजपुर में नव नियुक्त जिलाध्यक्ष शशि सिंह को बधाई देने के बाद वे आगे पेंड्रा-मरवाही के लिए रवाना हो गए।


