सरगुजा
युवा शक्ति, आत्मनिर्भर भारत, संस्कृति-संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष जोर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 29 दिसंबर। रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम आकाशवाणी, दूरदर्शन के सभी चैनलों तथा प्रसार भारती के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सजीव प्रसारण के माध्यम से सुना गया, वहीं रात्रि 8 बजे प्रादेशिक भाषाओं में पुन: प्रसारण भी किया गया।
भाजपा सरगुजा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया के आह्वान पर जिले के 600 से अधिक बूथों पर भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं आम नागरिकों ने सामूहिक रूप से ‘मन की बात’ का श्रवण किया। जिले के विभिन्न मंडलों में जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इसी क्रम में राजपुर मंडल में भारत सिंह सिसोदिया एवं रामकुमार टोप्पो, महामाया मंडल में ललन प्रताप सिंह एवं महापौर मंजूषा भगत , समलाया में हरपाल सिंह भामरा एवं निलेश सिंह, अंबिकापुर ग्रामीण में निश्चल प्रताप सिंह एवं मधु चौदाहा, लखनपुर में विद्यानंद मिश्रा एवं अनिल तिवारी, देवगढ़ में चंद्रिका यादव एवं अजीत सिंह, रामगढ़ में दिनेश साहू एवं सुभाष अग्रवाल, लुंड्रा में अम्बिकेश केशरी एवं अरुणा सिंह, धौरपुर में निरूपा सिंह एवं वैभव सिंह देव, दरिमा में इंदर भगत एवं सोमनाथ सिंह, परसा में मधुसूदन शुक्ला एवं दिव्या सिंह सिसोदिया, कुन्नी में राजेन्द्र जायसवाल एवं अनिल प्रताप सिंह, सीतापुर में अनिल अग्रवाल एवं श्रवण दास, बतौली में विनोद हर्ष , महेंद्र सिंह एवं डी. के. पुरिया, मैनपाट में अनिल सिंह मेजर एवं विजय व्यापारी तथा नवापारा मंडल में रजनीश पाण्डेय एवं जनमेजय मिश्रा अतिथि के रूप में शामिल रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में वर्ष 2025 को भारत के लिए गौरवशाली बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा, खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष, संस्कृति और पर्यावरण के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित किया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता।
प्रधानमंत्री ने युवा शक्ति को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’, ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसे मंचों के माध्यम से नवाचार, स्टार्टअप, तकनीक और कृषि में युवाओं की भागीदारी को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, भाषाओं के संरक्षण, पारंपरिक कलाओं, स्वदेशी उत्पादों, पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा जैसे विषयों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही, एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक उपयोग से बचने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2026 के लिए देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ से जुडऩे, नियमित व्यायाम करने और नए संकल्पों के साथ आगे बढऩे का आह्वान किया।


