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केआर टेक्निकल कॉलेज में 4 दिनी अंतरराष्ट्रीय एआई वेबीनार
07-Dec-2025 10:11 PM
केआर टेक्निकल कॉलेज में 4 दिनी अंतरराष्ट्रीय एआई वेबीनार

 एआई से डरने की नहीं, उसे अपनाने की आवश्यकता पर हुई चर्चा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 7 दिसंबर। के आर टेक्निकल कॉलेज, संजय नगर में आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता वेबीनार श्रृंखला ज्ञान, नवाचार और वैश्विक अनुभवों का अद्भुत संगम साबित हुई। कार्यक्रम की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, विभागाध्यक्ष और प्राध्यापक उपस्थित थे। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक फैजुल हूदा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया।

उद्घाटन सत्र में निदेशक डॉ. रीनू जैन, प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा, शिक्षण समिति के उपाध्यक्ष्य राहुल जैन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष श्री वेद प्रकाश की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बनाया।

पहले दिन प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा ने शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर प्रभावशाली और प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने लाइव उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार एआई विद्यार्थियों की पढ़ाई को सरल, प्रभावी और व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप बना सकता है। उन्होंने अध्ययन योजना बनाने, जिज्ञासाओं का समाधान करने और स्मार्ट अधिगम पद्धतियों का उपयोग करने के व्यावहारिक तरीके प्रस्तुत किए, जिन्हें छात्रों ने अत्यंत उपयोगी बताया। सत्र में छात्रों की सक्रिय सहभागिता कार्यक्रम की सफलता का प्रमाण बनी।

दूसरे दिन संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़ी विशेषज्ञ पूरवा जैन ने मानव और एआई के संयुक्त सहयोग पर अत्यंत रोचक विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने सरल भाषा में बताया कि एआई मनुष्य का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी क्षमता बढ़ाने वाली सहायक तकनीक है। उन्होंने जटिल तकनीकी प्रक्रियाओं को बेहद सहज उदाहरणों के माध्यम से समझाया। छात्रों ने रोजगार, तकनीकी कौशल, नगरों से दूर क्षेत्रों में अध्ययन की चुनौतियों तथा एआई आधारित उपकरणों के उपयोग जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे, जिनके प्रभावी समाधान उन्हें प्राप्त हुए।

तीसरे दिन कैलिफ़ोर्निया से जुड़े अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ अभिषेक धवन ने नवाचार आधारित उत्पाद निर्माण और आधुनिक तकनीकी युग में समस्याओं की पहचान के महत्व पर विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने बताया कि किसी भी उत्पाद की सफलता उसके लक्ष्य, उपयोगकर्ता की आवश्यकता और सही दिशा-निर्देशन पर निर्भर करती है। विद्यार्थियों ने उनसे तकनीकी करियर, आधुनिक वेब तकनीक, उत्पाद निर्माण प्रक्रिया और एआई के उपयोग पर अनेक प्रश्न पूछे जिन्हें उन्होंने सहजता से स्पष्ट किया। यह सत्र छात्रों के लिए कौशल विकास और भविष्य की दिशा को समझने का महत्वपूर्ण अवसर बना।

चौथे और अंतिम दिन रायपुर के सुप्रसिद्ध तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. नवीन जैन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैश्विक अवसरों और चुनौतियों पर अत्यंत प्रेरक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने एआई के विकास का इतिहास, स्मार्ट शहरों, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात, उद्योगों तथा वैश्विक स्तर पर हो रहे तकनीकी परिवर्तनों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने गलत जानकारी, भ्रामक वीडियो, साइबर अपराध और तकनीकी दुरुपयोग जैसी चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई को समझकर उसके साथ कदम से कदम मिलाने वाले ही भविष्य में अग्रणी होंगे।

कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा ने सभी विशेषज्ञों, अतिथियों, प्राध्यापकों और छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह चार दिवसीय आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, दिशा और भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं को समझने का अनुपम अवसर रहा। उन्होंने कहा कि एआई से डरने की नहीं, उसे अपनाने की आवश्यकता है, क्योंकि आने वाला समय उन्हीं का है जो तकनीक को अपना सहयोगी बनाते हैं। चार दिनों तक चले इन सत्रों ने विद्यार्थियों में नई सोच, नई संभावनाएँ और उज्ज्वल तकनीकी भविष्य की स्पष्ट दृष्टि विकसित की।


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