सरगुजा
के आर टेक्निकल कॉलेज में जनजातीय संस्कृति पर कार्यशाला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 3 दिसंबर। के आर टेक्निकल कॉलेज, संजय नगर, जिला सूरजपुर में जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति-केन्द्रित जीवनशैली और वीर नायकों के योगदान को समर्पित एक दिवसीय भव्य कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव, पर्यावरण चेतना और सामाजिक समरसता जैसे मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक मांदर–वादन, गीत-नृत्य और जनजातीय परिधानों के साथ अतिथियों के स्वागत से हुई। कॉलेज परिसर में प्रदर्शित जनजातीय चिकित्सा-ज्ञान, पारंपरिक व्यंजन, वीर नायकों की गाथाओं और हस्तशिल्प से सुसज्जित प्रदर्शनी का अवलोकन डायरेक्टर डॉ. रीनू जैन, उपाध्यक्ष राहुल जैन और प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा के नेतृत्व में सभी अतिथियों ने किया। ‘वीरों का गलियारा’, ‘जनजातीय पकवान प्रदर्शनी’, ‘मेडिसिनल प्लांट ईको विस्डम कॉर्नर’ तथा ‘जनजातीय उपयोगी वस्तुओं की प्रदर्शनी’ विशेष आकर्षण बने।
प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा ने स्वागत उद्बोधन में ‘जय जोहार’ के साथ सभी अतिथियों का अभिवादन किया और कहा कि जनजातीय समाज की सरलता, सामूहिकता और प्रकृति–सम्मत जीवनशैली आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का आधार है। उन्होंने वीर नारायण सिंह, बिरसा मुंडा, राजमोहिनी देवी और संत गहिरा गुरु जैसे महापुरुषों के संघर्षों का स्मरण कर विद्यार्थियों को संस्कृति–संरक्षण का संकल्प लेने का संदेश दिया।
महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि सरगुजा की यह भूमि हमारी माता है—जल, जंगल और जमीन जनजातीय जीवन की आत्मा हैं। उन्होंने परंपराओं से दूर होते युवाओं पर चिंता व्यक्त की और कहा कि यदि हम अपनी जड़ों को नहीं पहचानेंगे, तो अपनी पहचान खो देंगे। अपने भाषण में उन्होंने कार्तिक उरांव की प्रतिमा स्थापना को अपने कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि बताया। अंत में उन्होंने उरांव जनजाति का पारंपरिक गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम में जनजातीय नृत्य, राजमोहिनी देवी पर आधारित लघु नाटक तथा प्रकृति-केन्द्रित जनजातीय जीवनशैली पर आधारित प्रस्तुतियाँ अत्यंत सराहनीय रहीं। अंत में डायरेक्टर डॉ. रीनू जैन ने सभी अतिथियों, आयोजन समिति, विभाग प्रमुखों, सहायक प्राध्यापकों और छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें बिरसा मुंडा, संत गहिरा गुरु और राजमोहिनी देवी जैसे महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारना होगा।
सभी अतिथियों को प्रशस्ति–चिह्न भेंट किए गए।
समन्वयक रेनू सिंह, उप-समन्वयक अनुराधा एक्का तथा सभी विभाग प्रमुखों एवं सहायक प्राध्यापकों के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। के आर टेक्निकल कॉलेज का यह जनजातीय उत्सव 2025 संस्कृति, शिक्षा और प्रकृति-सम्मत जीवनदृष्टि के उत्थान का उत्कृष्ट उदाहरण बना।


