सरगुजा
ग्रामसभा की सहमति के बिना सुनवाई का आरोप, ग्रामीणों ने बताया अवैध
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 2 दिसंबर। सरगुजा जिला के मैनपाट में कंडराजा के बाद सपनादर में बाक्साइट खदान खोलने के लिए आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को जमकर विरोध हुआ। जनसुनवाई में पहुंचे अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि बिना ग्रामसभा की सहमति के ही जनसुनवाई की जा रही है। प्रभावित लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं है।
गौरतलब है कि सपनादर ग्राम में बाक्साइट उत्खनन के लिए 171 हेक्टेयर जमीन की लीज निजी खनन कंपनी मां कुदरगढ़ी स्टील प्राइवेट लिमिटेड को मिली है। इसकी वार्षिक क्षमता एक लाख 27 हजार 800 टन है। खदान की स्वीकृति के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई मंगलवार को कमलेश्वरपुर में आयोजित की गई है।
जनसुनवाई में हंगामे की स्थिति को देखते हुए एएसपी अमोलक सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। जनसुनवाई शुरू करने के पहले ही लोगों ने जनसुनवाई निरस्त करने की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। हंगामे के कारण जनसुनवाई देर से शुरू हो सकी। जनसुनवाई में कुछ बाहरी लोग भी पहुंचे थे, जिन्होंने खनन के पक्ष में अपनी बात रखी। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने बाहरी लोगों का विरोध करते हुए हंगामा किया एवं बाहरी व्यक्तियों को बलपूर्वक खदेड़ दिया। इससे विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस ने बीच-बचाव किया।
जनसुनवाई में पहुंचे अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने कहा कि ग्रामसभा की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। जो प्रभावित लोग हैं, उन्हें पता ही नहीं है कि किस बात की जनसुनवाई हो रही है। पहले ग्रामसभा से अनापत्ति की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
जिला पंचायत सदस्य रतनी नाग ने कहा कि निजी कंपनी द्वारा मैनपाट में बाक्साइट उत्खनन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। बिना ग्रामसभा के जनसुनवाई पूरी तरह से अवैध है। ज्ञात हो कि मैनपाट में बाक्साइट की खदानों को निजी कंपनी एवं सीएमडीसी को दिया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाक्साइट खदानों से अब तक मैनपाट को कोई लाभ नहीं हुआ है। उल्टे पीएमजीएसवाई एवं ग्रामीण सडक़ों पर भारी वाहनों के चलने से नुकसान हो रहा है।
इसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे नहीं चाहते की बाक्साइट की खदानें खुले। इसके पहले 30 नवंबर को नर्मदापुर में आयोजित जनसुनवाई का विरोध करते हुए लोगों ने टेंट पंडाल भी उखाड़ दिया था। कंडराजा में बाक्साइट उत्खनन के लिए सहमति बनाने नर्मदापुर में जनसुनवाई आयोजित की गई थी, जिसमें 95 फीसदी लोगों ने खदान के विरोध में अपना अभिमत दिया है।


