सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजपुर,11 अप्रैल। प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश के सभी पंचायत सचिव अपनी एक सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे हुए हैं। पंचायत सचिवों की हड़ताल से जहाँ पंचायतों के सभी कामकाज ठप पड़ गए हैं, वहीं अब पंचायत सचिव अपने मांगों को लेकर अब भूख हड़ताल करने की तैयारी कर रहे हैं।
17 मार्च को विधानसभा घेराव के बाद पंचायत सचिव अपनी एक सूत्रीय माँग शासकीयकरण को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हंै। वहीं सरकार द्वारा कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर पंचायत सचिवों ने 11 अप्रैल से भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
भाजपा के घोषणा पत्र में 1995 से कार्यरत पंचायत सचिवों के शासकीयकरण को अति आवश्यक मानते हुये शासकीयकरण करने का भरोसा देते दिया था। पंचायत सचिवों के शासकीयकरण के लिए कमेटी का गठन कर प्रतिवेदन भी प्रस्तुत कर दी गई है, परंतु अभी तक इस पर कोई ठोस पहल नहीं होने से पंचायत सचिव काफी क्षुब्ध नाराज नजर आ रहे हैं।
पंचायत सचिवों का कहना है कि इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी,जब तक हम लोगों की मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे।
राजपुर पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने बताया कि 9 अप्रैल को प्रांतीय संगठन के पदाधिकारियों के साथ मैनपाट में प्रांत स्तर की बैठक की गई, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि जब तक हमारी माँग पूरी नहीं हो जाती, तब तक हड़ताल से वापस नहीं होंगे।
उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल को प्रदेश के सभी जनपदों के सचिव भूख हड़ताल करेंगे। 12 अप्रैल को हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। 20 से 21 अप्रैल को दिल्ली के जंतर मंतर में घेराव किया जाना है।उसके बाद भी यदि सरकार हमारी बात नही सुनेगी तो जनपद मुख्यालय में हड़ताल जारी रहेगा।
हड़ताल के दौरान सचिव संघ राजपुर अध्यक्ष अशोक गुप्ता, उपाध्यक्ष लालसाय प्रजापति, सचिव शेखर कुजूर, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष अगस्तुस टोप्पो, कृष्णानंद तिवारी, देवीदयाल मरावी, जयपाल सिंह,कल्लू राम, सुनील तिवारी, प्रदीप जायसवाल, रामप्रसाद पैकरा,मदन राम,नोहर साय, नंदलाल यादव, रामदीन राम सहित अन्य ग्राम पंचायतों के सचिवगण उपस्थित थे।


