सरगुजा
परिजनों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,11 दिसंंबर। सरगुजा जिला के लखनपुर विकासखंड के कुन्नी थाना क्षेत्र अंतर्गत कुन्नी हायर सेकेण्ड्री स्कूल के सामने एक शिक्षक की पत्नी और बेटी की आत्महत्या मामले में नया मोड़ सामने आया है।
मृतक महिला के भाई, बहन सहित अन्य परिजनों का आरोप है कि मां-बेटी को भरण-पोषण का रुपए न देना पड़े, इसलिए छुटकारावश हत्या करके आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया है। परिजनों ने एसपी से मांग की है कि मामले की गहन जांच से और भी तथ्य उजागर होंगे, साथ ही महिला के पति का मोबाइल को जब्त कर जांच से समस्त षडयंत्र का खुलाला हो जाएगा।
पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में मृतक महिला के भाई नंद किशोर गुप्ता (50 वर्ष) गुमगा उदयपुर ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन मीना गुप्ता का पति संजय गुप्ता, सास विमला देवी दोनों निवासी ग्राम शिक्की थाना बगीचा एवं आरोपी की बहन राखी गुप्ता, सरोज गुप्ता एवं परिवार केमनोज गुप्ता ने पूर्व में दहेज के लालच में घरेलू प्रताडऩा दे रहे थे।
मीना गुप्ता का विवाह 9 मई 2017 को संजय गुप्ता के साथ हुआ था। वर्तमान में वह सहायक शिक्षक के पद पर ग्राम-कुन्नी हायर सेकेण्ड्री स्कूल में पदस्थ है। संजय गुप्ता की माता एवं बहन-बहनोई जो गोधनपुर अम्बिकापुर में निवास करते हैं, इन सभी ने संयोजित ढंग से उसकी बहन मीना गुप्ता एवं 6 वर्षीय पुत्री आस्था गुप्ता का हत्या करवाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया है।
मीना एवं उसकी पुत्री आस्था की लाश 5 दिसंंबर को हाई स्कूल/मिडिल स्कूल प्रांगण में पेड़ पर टंगे हुए थे, जिसकी जानकारी अगले दिन होने पर थाना कुन्नी पुलिस द्वारा कार्रवाई पंचनामा, पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस चौकी कुन्नी से सूचना पर आवेदक एवं उसके परिजन ग्राम-कुन्नी पहुंचे थे।
आरोप है कि विवाह के पूर्व एवं विवाह के दौरान भी दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष के लोग एक राय होकर विवाद करते रहे हैं। मीना गुप्ता के द्वारा भविष्य की उम्मीद में प्रताडऩा को सहती रही। इस बीच 6 वर्ष पूर्व मीना को पुत्री आस्था की जन्म हुई, उसके बाद से ससुराल पक्ष के लोग और भी गंभीर रूप से प्रताडि़त, अपमानित करते रहे।
आगे बताया कि कई बार नाते-रिश्तेदार एवं पंचायत के माध्यम से समझाईश देने का प्रयास भी होता रहा है, परन्तु ससुराल पक्ष के लोगों के अडिय़ल रवैया से क्षुब्ध होकर मीना अपनी पुत्री आस्था सहित मायके रहने के उपरांत कुन्नी में ही स्कूल के पास किराये का क्वार्टर लेकर अपनी पुत्री के साथ निवास करते हुए सिलाई बुनाई कर जीविकोपार्जन करती आ रही थी।
पूर्व में महिला का पति संजय गुप्ता मीना को भरण-पोषण इत्यादि में सहायता देता था, परन्तु बाद में देना बंद कर दिया। उससे क्षुब्ध होकर मीना अपने एवं अपनी पुत्री आस्था के भरण-पोषण हेतु कुटुम्ब न्यायालय अम्बिकापुर सरगुजा में भरण-पोषण हेतु मुकदमा पेश की थी, जिसमें अभी कुछ दिन पूर्व ही 3 दिसंबर को 10,000/- (दस हजार) रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण देने व मीना गुप्ता को विवाह के दौरान दिये गये सामानों को वापस करने का निर्देश संजय गुप्ता को दिया गया था, तभी से संजय गुप्ता व उसके परिवार के लोग काफी गुस्से में थे एवं मीना को धमकाते आ रहे थे। आगे आरोप लगाया कि उपरोक्त दुर्भावना से ग्रसित हो कर ससुराल पक्ष के लोग एक राय होकर एवं अन्य लोगों के सहयोग प्राप्त से 5 दिसंंबर को उसकी बहन मीना गुप्ता एवं उसकी पुत्री आस्था की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया है।
आरोप है कि संजय गुप्ता द्वारा उक्त दोहरे हत्या को अंजाम देने के पूर्व एवं पश्चात् अन्य लोगों के साथ निरंतर मोबाईल से सम्पर्क में रहा, ताकि पत्नी मीना गुप्ता एवं पुत्री आस्था गुप्ता (6 वर्ष) से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाए। परिजनों ने एसपी से मामले की गहन जांच की मांग की है।


