सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 11 दिसंंबर। बुधवार को राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर के विधि विभाग में मानवाधिकार दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जयेश वर्मा अधिवक्ता जिला एवं सत्र न्यायालय अंबिकापुर तथा विशिष्ट अतिथि ब्रजेश सिंह सहा.प्राध्यापक गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्व विद्यालय बिलासपुर थे। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. रिजवान उल्ला ने की।
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों से प्रश्न कर मानवाधिकारों के प्रावधानों की बारीकियों को स्पष्ट करते हुए छात्रों को सिविल अधिकार और राजनैतिक अधिकार का विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान किये और मानवाधिकार के प्रति जागरूक रहने को कहा।
डॉ.रिजवान उल्ला ने कहा कि मानवाधिकार हर व्यक्ति को जन्म से ही प्राप्त होता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 10 दिसम्बर 1948 को घोषणा की। विशिष्ट अतिथि ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हर व्यक्ति मानवाधिकार के प्रति जागरूक रहने संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा को राज्य को संरक्षित करने दायित्व सौंपा।
माधवेन्द्र तिवारी ने कार्यक्रम की रुपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर शांति पूर्वक जीवन जीने के लिए राष्ट्रों के बीच संधि कर मानवाधिकारों की संरक्षण के लिए घोषणा की।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के एनसीसी के प्रभारी पंकज कुमार अहिरवार ने मंच का संचालन किया। कार्यक्रम में हवलदार विश्वनाथ भूषण 28 छ.ग.बटालियन एनसीसी रायपुर भी उपस्थित रहे।
इस दौरान सहायक प्राध्यापकगण डॉ. मिलेन्द्र सिंह, डॉ.तरुण कुमार राय,श्री देव प्रकाश दुबे, पूनम सोनवानी, मोहन कश्यप,एनसीसी के छात्र-छात्राएं एवं विधि विभाग छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


