सरगुजा

पालीटेक्निक के विद्यार्थी पहुंचे पीईकेबी खदान
08-Dec-2024 8:50 PM
पालीटेक्निक के विद्यार्थी पहुंचे पीईकेबी खदान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अम्बिकापुर, 8 दिसंंबर। सरगुजा जिला के उदयपुर ब्लॉक में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) की परसा ईस्ट केते बासेन खदान में शनिवार को शासकीय पालीटेक्निक कॉलेज, अम्बिकापुर के 45 विद्यार्थियों और 11 प्राध्यापक सामूहिक शैक्षणिक दौरे पर पहुंचे।

यहां उन्होंने खनन के लिए आधुनिक तकनीकों की जानकारी हासिल की तथा प्रत्यक्ष रूपसे एक जिम्मेदार खननकर्ता द्वारा की जाने वाली जैव विविधिता को बरकरार रखने किए गए वृहद वृक्षा रोपण को समझा। यह कार्यक्रम दौरान उद्योगों की सामुदायिक भूमिका के तहत क्षेत्र में संचालित विभिन्न सामाजिक उत्थान की गतिविधियों से भी रूबरू हुए।

दरअसल बीते सप्ताह शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में खनन तकनीकों और प्रौद्योगिकी तथा समुदायों में खनन उद्योग की परिवर्तनकारी भूमिका पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज, सरगुजा क्लस्टर के तकनिकी विशेषज्ञोंने छात्रों को अतराधुनिक तकनीक, जैव विविधिता को बरकरार रखने किए किये जाने वाले प्रयास तथा सामाजिक उत्थान को समर्पित प्रवृतियों के बारेमें अवगत कराया। 

इस कार्यक्रम में 300 छात्रों तथा कॉलेज के प्राचार्य आर.जे. पांडे और एचओडी देवांशु प्रसाद,संजीव सिंह, रोमेश ज्योति, अमित कुमार,प्रतीक जायसवाल,पंकज सिन्हा,मनीष सेठी,आकाश सुमन श्रीवास्तव और संजय यादव सहित कई संकाय के सदस्य भी शामिल हुए।

खदान के दौरे में कॉलेज के माइनिंग विषय के छात्र सूरज पटेल व अन्य विद्यार्थियों ने व्याख्यान में बताए हुए तकनीकों को की प्रशंशा की। सभी ने क्षेत्र में किए जा रहे सामाजिक विकास जिसमें अदाणी विद्या मंदिर, जैसे आधुनिक स्कूल, कौशल विकास केंद्र में सिलाई प्रशिक्षण और उत्पादन केंद्र इत्यादि से लोगों को कैसे आगे बढ़ा रहा है। व्याख्यान सत्र के दौरान छात्रों को पीईकेबी खदान में जिम्मेदार खनन की प्रथाओं पर प्रकाश डाला गया, जिसमें तकनीकी प्रगति और टिकाऊ संचालन पर जोर दिया गया था।

राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड अपने पाँच सितारा खिताब से सम्मानित खदान परसा ईस्ट केते बासेन कोयला खदान के सामाजिक सरोकारों के तहत अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से सरगुजा जिले में उदयपुर ब्लॉक के 14 गांवो में शिक्षा, स्वाथ्य, आजीविका संवर्धन तथा अधोसंरचना विकास के कई कार्यक्रम संचालित करता है।

 जिसमें युवाओं को कौशल विकास केंद्र, साल्ही में इलेक्ट्रीशियन और सिलाईं प्रशिक्षण सहित कई पाठ्यक्रम चलाए जा रहे है। जिसमें अब तक 350 से अधिक सफल प्रशिक्षुओं को उनकी कुशलता के अनुरूप नौकरी तथा स्वरोजगार के भी अवसर मिले हैं। साथ ही क्षेत्र में जैव विविधिता को बरकरार रखने 14 लाख से ज़्यादा पेड़ों का रोपण कर एक नया जंगल तैयार किया है। जबकि वृक्षा रोपण का कार्य सतत् जारी है।


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