सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजपुर, 20 अक्टूबर। नगर में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए समाज सेवा ग्रुप के सदस्यों द्वारा मुख्य सडक़ पर सांकेतिक बोर्ड लगाने हेतु पहल की गई थी। इसके लिए सभी ने ज्ञापन भी सौंपा गया था। परंतु तीन माह बीत जाने के बाद भी कई विभाग सुस्त नजर आ रहे है। कुछ विभागों को छोडक़र किसी ने भी इस ओर अभी तक कोई पहल नहीं की है।
नगर में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए समाज सेवा ग्रुप के सदस्यों द्वारा राजपुर मुख्यालय में सभी प्रमुख शासकीय संस्थाओं एवं विभागों को ज्ञापन सौंपकर निवेदन किया था कि सडक़ पर आवश्यक गति को लेकर सांकेतिक बोर्ड लगवाने की पहल की जाए जिससे दुर्घटनाओं पर नियंत्रण किया जा सके।
समाज सेवा ग्रुप द्वारा दिए गए ज्ञापन में प्रमुख संस्थाओं एवं विभागों ने इस पर अपनी सहमति जताते हुए एनएच मुख्य सडक़ पर सांकेतिक बोर्ड लगाने का आश्वासन भी दिया था। परंतु तीन माह बीत जाने के बाद भी नगर के कई प्रमुख विभाग इस पर अपनी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। कुछ ही संस्थाओं ने इस पर पहल करते हुए मुख्य सडक़ पर सांकेतिक बोर्ड लगवाया गया है। सांकेतिक बोर्ड लगवाने में प्रमुख रूप से शासकीय बालक उत्तर माध्यमिक विद्यालय महुआपारा, जनपद पंचायत कार्यालय,राजीव गांधी आदर्श विद्यालय, सेंट्रल बैंक,एकलव्य आवासीय विद्यालय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, प्रेरणा पब्लिक स्कूल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ग्राम पंचायत बूढ़ाबगीचा द्वारा इस पर पहल करते हुए आज दिनांक तक गतिसीमा का बोर्ड लगवाया गया है, जबकि मुख्य मार्ग पर सांकेतिक बोर्ड लगाने हेतु और भी कई प्रमुख संस्थाओं व विभाग ने अपनी सहमति जताई थी, परंतु उनके द्वारा आज पर्यंत तक कोई पहल नही की है। यहाँ आपको बताते चले कि जब जब शहर में कोई दुर्घटनाएं घटती है उस वक्त सभी सक्रिय होकर वाहनों के गति सिमा पर कड़ाई करने की बात कहते हैं। समय बीतते ही लोग दुर्घटना को भूल जाते हैं और जैसे चल रहा है चलने देते हैं।
शहर में दुर्घटनाओं के बाद पुलिस भी सक्रिय नजर आती है और वाहनों के गति नियंत्रण हेतु वाहनों को रोककर निर्धारित गति से वाहन चलाने की समझाइश देते हुए नजर आते हैं, जिसके बाद कुछ दिनों तक वाहने भी अपनी निर्धारित गति से शहर को पार करते हैं।
परंतु कुछ समय पश्चात पुन: वाहनों का रफ्तार शहर में तेज हो जाता है। सबसे ज्यादा सब्जी लेकर जाने वाली पिकअप वाहनों की गति होती है। पूर्व में भी देखा जाए तो सब्जी लेकर जाने वाले पिकअप वाहनों के चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। आज भी सडक़ों पर सब्जी लेकर चलने वाले पिकअप वाहनों की रफ्तार देखी जा सकती है।


