सरगुजा

सुअरों को गंभीर बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन ट्रायल शुरू
30-Sep-2024 9:03 PM
सुअरों को गंभीर बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन ट्रायल शुरू

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर,30 सितंबर। शूकरों (सुअर) में होने वाली गंभीर संक्रामक बीमारी पोर्सिन रीप्रोडक्टिव एंड रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (पीआरआरएस)से बचाव के लिए वैक्सीन तैयार की गई है। इसका ट्रायल सरगुजा जिले के शासकीय शूकर पालन केंद्र सकालो के अलग-अलग आयु के 50 शूकरों में किया जा रहा है। इस बीमारी को ब्लू इयर के नाम से भी जाना जाता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भोपाल में वैक्सीन तैयार किया गया है।

संस्थान के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. राजू कुमार व डॉ. फतह सिंह द्वारा वैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है। वैक्सीन लगने के बाद शूकरों पर इसके प्रभाव का अध्ययन किया जा रहा है। अभी तक शूकरों मे स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं आई है। 21 दिन बाद शूकरों को बूस्टर डोज लगाया जाएगा। देश के एक या दो अन्य केंद्रों के शूकरों में भी वैक्सीन का ट्रायल करने के बाद इसे उपयोग के लिए लाया जाएगा।

शासकीय सूकर फ़ार्म के प्रभारी डॉ. सी के मिश्रा ने बताया कि अंबिकापुर सूकर फ़ार्म में पीआरआरएस बीमारी का ट्रायल चल रहा है। एसओपी का पालन करते हुए सहयोग किया जा रहा है।

बीमारी के लक्षण-अत्यधिक तेज बुखार,भूख में कमी, आंखों से पानी बहना,सांस लेने में दिक्कत,गर्भपात, नाक से स्राव है।

देश में तेजी से फैल रही बीमारी

शूकरों की इस बीमारी को सबसे पहले 1987 में अमेरिका में देखा गया था। उसके बाद 1991 में नीदरलैंड में वायरस की पहचान हुई। यूरोपीय और अमेरिकी देशों के बाद यह बीमारी अब भारत में भी पहुंच चुकी है। यह बीमारी शूकर पालकों को बड़ा आर्थिक चोट पहुंचाती है। इसी कारण भारत देश में इसका वैक्सीन तैयार किया गया है।


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