सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 25 सितंबर। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के असर से उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मंगलवार से शुरू हुई बारिश बुधवार को भी जारी रहा। हालांकि दिन और रात में बारिश पर कई घंटों का ब्रेक भी लग रहा, लेकिन घने बादल छाए रहने के कारण लोगों को उमस और तेज धूप से काफी राहत मिली है। वहीं सात वर्षों बाद अम्बिकापुर में वर्षा का आंकड़ा पहली बार अम्बिकापुर नगर के सामान्य औसत मानसून वर्षा 1211 मिमी के आंकड़े को पार करते हुए 1303.3 मिमी पर पहुंच गया है।
1 जून से आज 25 सितंबर तक कुल वर्षा 1303.3 मिमी हो चुकी है, जो सामान्य औसत की तुलना में 107.5 प्रतिशत अधिक है।
उत्तरी छत्तीसगढ़ में मंगलवार से ही तेज गरज-चमक के वर्षा हो रही है। आसमान में घने बादल छाए रहने के कारण बुधवार की दोपहर से शाम तक शहर सहित आसपास के इलाकों में हल्की वर्षा होती रही। वर्षा से लोगों को भीषण उमस से काफी राहत मिली है। बारिश के कारण अंबिकापुर के अधिकतम तापमान में भी गिरावट हुई है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक बादलों की आवाजाही और कहीं-कहीं हल्की वर्षा की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना हवा के कम दबाव का प्रभाव ओडि़शा, आंध्रप्रदेश सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ में संभावित था। आसमान बादलों से ढंका रहा,इससे लोगों को पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तीखी धूप से राहत मिली है। बुधवार की देर शाम तक अंबिकापुर सहित सरगुजा के कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी का क्रम जारी रहा। वर्षाकाल के अंतिम दौर में हो रही वर्षा धान की खेती के लिए काफी लाभदायक होगी। इन दिनों धान में बाली निकल रही है और वर्षा से फसल उत्पादन बेहतर होगा।


