सरगुजा
राजपुर, 3 सितंबर। अम्बिकापुर से रामानुजगंज जाने वाली एनएच 343 मुख्य सडक़ के बदहाली को लेकर जनपद सदस्य नीरज तिवारी लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं। इस तारतम्य में इस सडक़ के नवीनीकरण में हो रही लेट लतीफी को लेकर कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में जनपद सदस्य नीरज तिवारी ने कहा कि अम्बिकापुर से रामानुजगंज एन एच 343 सडक़ वर्षों से खराब है। रोड नवीनीकरण के लिए होने वाले सर्वे के बाद की प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई थी, सडक़ पर पडऩे वाले घर जमीन के प्रभावितों को मुआवजा वितरण भी किया जा चुका है। फिर भी विभागीय अधिकारियों के लापरवाही का नतीजा है सडक़ निर्माण के लिए आधे अधूरे सर्वे, हाथी कॉरिडोर नहीं होने की वजह से टेंडर प्रक्रिया में लेट लतीफी हो रही है जिसका खामियाजा इस 110 किलोमीटर की सडक़ पर चलने वाले हजारों लोगों को अपनी जान माल के नुकसान के रूप में उठाना पड़ता है।
आगे कहा कि सडक़ नवीनीकरण या इसपर सुधार के लिए आज तक किसी भी सत्ता धारी नेताओं ने कोई भी पहल करना उचित नहीं समझा है जो बड़े दुर्भाग्य की बात है। सडक़ निर्माण के लिए संबंधित विभाग सहित जिले के कलेक्टर से भी पत्र के माध्यम से खराब जर्जर सडक़ को बनाने आग्रह किया गया था।
पर जनहित के कार्यों की ओर किसी का भी ध्यान नहीं जाता है। सडक़ इतनी जर्जर स्थिति में है कि आए दिन सडक़ पर चलने वाले छोटे बड़े वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हंै। सडक़ सुधार नहीं होने की स्थिति में आगामी 7 तारीख को राजपुर के नौकी मोड़ के पास सांकेतिक चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
वन विभाग के कारण फँसा पेंच
वन विभाग के द्वारा एनएच सडक़ नवीनीकरण के लिए सभी प्रस्ताव मंत्रालय को भेज दिए गए है,नवीन सडक़ स्वीकृति भी मिल चुकी है पर उक्त सडक़ पर वन क्षेत्र व रिजर्व फारेस्ट होने की वजह से वन विभाग से मिलने वाला अनापत्ति प्रमाणपत्र की आवश्यकता है। विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र संबंधित सडक़ मंत्रायल को प्राप्त नहीं हो सका है जिसकी वजह से उक्त सडक़ के नवीनीकरण का कार्य अधर में फँसा हुआ।


