सरगुजा

उल्टी-दस्त से 2 ग्रामीणों की मौत, अब तक चार मौतें
23-Aug-2024 10:04 PM
उल्टी-दस्त से 2 ग्रामीणों की मौत, अब तक चार मौतें

गांव में शिविर, सेक्टर इंचार्ज एमटी और मितानिन भी डायरिया की चपेट में

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

लखनपुर,23 अगस्त। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम चैनपुर में उल्टी-दस्त से उपचार के दौरान दो और ग्रामीणों की मौत हो गई है। अब तक उल्टी-दस्त से चार ग्रामीणों की मौत हो चुकी है, वहीं 21 ग्रामीण उपचार उपरांत अपने घर लौटे हैं।

कैंप लगाने के दौरान स्वास्थ्य विभाग से सेक्टर इंचार्ज और मितानिन भी उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए थे। पूरे घटनाक्रम से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है, वहीं रक्षाबंधन पर्व के दिन ग्रामीण अपने-अपने घरों से नहीं निकले। पिछले चार दिनों में उल्टी-दस्त के एक भी मरीज सामने नहीं आए हैं।

उल्टी-दस्त फैलने का कारण गंदगी और पानी में बैक्टीरिया बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 13 अगस्त से लगातार गांव में कैंप लगाकर खान-पान के संबंध जानकारी देकर स्वच्छता को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक ग्राम चैनपुर गांव के वार्ड क्रमांक 5 और 6 की सीमा पर स्थित लगभग 2 दर्जन घर के लोग उल्टी-दस्त से प्रभावित है। बारह अगस्त की रात उल्टी-दस्त से पीडि़त दो मरीज स्वास्थ्य कर्मी विष्णु महंत के पास पहुंचे। विष्णु महंत के द्वारा दवा देकर एंबुलेंस 108 के माध्यम से उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया तथा इसकी जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को दी गई।

 विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर 13 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग के द्वारा गांव में शिविर लगाकर प्रभावित क्षेत्र में घर-घर जाकर भ्रमण कर उल्टी-दस्त के संबंध में जानकारी ली तथा  उल्टी-दस्त से ज्यादा प्रभावित ग्रामीणों को उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया और अन्य ग्रामीण को खानपान के संबंध में जानकारी देते हुए स्वच्छता को लेकर  जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा प्रभावित क्षेत्र में साफ सफाई कर ब्लीचिंग पाउडर का छिडक़ाव किया गया था।

उल्टी दस्त से पीडि़त अर्जुन सारथी पिता मारवाड़ी 17 अगस्त , 18 अगस्त को सोनकुंवर पति परशुराम सारर्थी, 20 अगस्त को कलेश्वर पिता हीरालाल सारथी की रायपुर में उपचार के दौरान,  21 अगस्त को विमला जांगड़े पति जवाहर जांगड़े की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।

वंशिका पिता अलक राम विश्वकर्मा 2 वर्ष, आयुष पिता चंद्रभान विश्वकर्मा 3 वर्ष, जगरमनि पति सुदेशी जांगड़े  45 वर्ष, लक्ष्मीनिया पति राम सिंह कंवर 35 वर्ष, त्रिपाल पिता विदेश्वर 45 वर्ष, अनीता पिता शिव प्रसाद विश्वकर्मा 34 वर्ष, सीमा पति शुभलाल 19 वर्ष, पारसमणी पति राम दरेश सारथी 28 वर्ष ,हीरामणि पति इतवार साय 43 वर्ष, अनिरुद्ध पिता बृजमोहन 24 वर्ष,मोहरमनी पति रामनाथ 40 वर्ष, दिना पिता विश्वनाथ 20 वर्ष, दिनेश पिता राम नारायण 24 वर्ष , मजीश पिता अनूप सारथी 13 वर्ष, मोतीलाल पिता मोहन सारथी 42 वर्ष, पवन पिता प्रेम दास 45 वर्ष, धनसाय पिता भूरा 70 वर्ष, इंद्रमनी पिता सफरन 25 वर्ष, धनेश्वरी पति धनसाय 65 वर्ष, त्रिलोचनि पति बृजभान 46 वर्ष, शांति पति सुख साय 70 वर्ष जिला अस्पताल अंबिकापुर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर से उपचार उपरांत स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं।

गांव में चार दिनों से एक भी उल्टी-दस्त के मरीज नहीं मिले हैं। लगातार स्वास्थ्य विभाग के द्वारा शिविर लगाकर खान-पान के संबंध में जानकारी देते हुए स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को ताजा भोजन करने, उबालकर पानी पीने, क्लोरीन टेबलेट पानी में डालकर पीने , अपने आसपास साफ सफाई रखने तथा ब्लीचिंग पाउडर का नियमित रूप से छिडक़ाव करते रहने की सलाह दी जा रही है।

स्वस्थ्य शिविर के दौरान सेक्टर इंचार्ज एमटी और मितानिन डायरिया की चपेट में

स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 13 अगस्त से आज तक स्वास्थ्य वीर लगाकर लोगों का दवा का वितरण करते हुए खान-पान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य शिविर लगाने के दौरान सेक्टर इंचार्ज देवेश कुमार गुप्ता, एमटी हीरामणि साय, मितानिन पारसमणी सारथी उल्टी-दस्त (डायरिया) की चपेट में आ गए थे, जो उपचार उपरांत स्वस्थ बताई जा रहे हैं।

स्वच्छता को लेकर लोगों को किया जा रहा जागरूक- सीएमएचओ

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएस मार्को से इस संबंध में चर्चा करने पर उनके द्वारा बताया गया कि जिन ग्रामीणों की मौत हुई है, उन्हें उल्टी-दस्त के अलावा गंभीर बीमारियां थी,जिसकी वजह से उनकी मौतें हुई है। लगातार स्वास्थ्य विभाग के द्वारा शिविर लगाकर स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा। दवा का वितरण कर खानपान के संबंध में विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी जा रही है।


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