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रेप-हत्या : विरोध और न्याय की आवाज सरगुजा में भी पुरजोर तरीके से उठी, निकाला प्रोटेस्ट मार्च
17-Aug-2024 8:52 PM
रेप-हत्या : विरोध और न्याय की आवाज सरगुजा में भी पुरजोर तरीके से उठी, निकाला प्रोटेस्ट मार्च

मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल अंबिकापुर सहित सभी निजी अस्पतालों की ओपीडी में बंद रहा काम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अम्बिकापुर,17 अगस्त। कोलकाता की घटना के विरोध में देशभर के डॉक्टर हड़ताल पर रहे। विरोध और न्याय की आवाज सरगुजा में भी पुरजोर तरीके से उठी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल अंबिकापुर सहित सभी निजी अस्पतालों की ओपीडी में काम बंद रहा।

 न्याय की आवाज को बुलंद करते हुए आई एम ए सहित विभिन्न संगठनों के लोगों ने प्रोटेस्ट मार्च निकाला। घटना को लेकर इस दौरान आक्रोश साफ झलक रहा था। सभी ने एक स्वर में कहा बेटी हम शर्मिंदा हैं... क्योंकि तेरे कातिल अभी तक जिंदा है..। इस प्रोटेस्ट मार्च में डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य कर्मचारी, के साथ-साथ आमजनों ने भी अपनी आवाज न्याय के लिए बुलंद की।

कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के विरोध में प्रोटेस्ट मार्च से पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ. योगेंद्र सिंह गहरवार ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पश्चिम बंगाल के अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ जिस प्रकार की घटना हुई, जो तस्वीर सामने आई, उसे बता पाना मुश्किल है। निर्भया कांड की तरह यह घटना पूरे देश की कानून व्यवस्था को प्रश्न चिन्ह के दायरे में लाता है। हमारी बेटियां सुरक्षित रहें इसके लिए हम सभी को आगे आना होगा।

उन्होंने कहा कि उक्त घटना के विरोध में आज यह सांकेतिक हड़ताल थी। उक्त बच्ची को न्याय मिलने की दिशा में अगर कोई सार्थक पहल नहीं हुई तो आगे यह हड़ताल रक्षाबंधन के बाद अनिश्चितकालीन रूप में तब्दील हो सकती है।

हॉस्पिटल संगठन के प्रवक्ता नरेंद्र सिंह टूटेजा ने घटना की पुरजोर निंदा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा का क्षेत्र कई संवेदनाओं से जुड़ा हुआ है। आज हम शर्मसार हैं कि हमारे अंदर की संवेदनाएं इतनी मर चुकी है। बेटियां हर घर में है। हम कैसे उनका भविष्य सुरक्षित माने। पश्चिम बंगाल के अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ जिस प्रकार की घटना हुई उसे कल्पना करते ही मन सिहर उठता है। आज उसे घटना का पुरजोर विरोध नहीं किया तो शायद हम कभी अपने आप को माफ नहीं कर पाएंगे।

 प्रेस वार्ता के दौरान आईएमए की अध्यक्ष डॉ. अंजू गोयल, हॉस्पिटल संगठन के अध्यक्ष डॉ संजय गोयल, सीएस डॉ. जेके रेलवानी,रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नारंग, विवेक दुबे,होली क्रॉस की डॉ. मधु, डॉ. डायना, डॉ. काजल, सहित अन्य मौजूद थे।

ज्ञात हो कि कोलकाता घटना के विरोध में देशभर के डॉक्टर जहां शनिवार को हड़ताल पर रहे, वही आईएमए के आह्वान पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पर भी ओपीडी बंद रही। चिकित्सा अस्पताल पहुंचे जरूर परंतु ओपीडी में कोई भी मरीज को नहीं देखा। आवश्यक सेवाओं को छोडक़र सभी  स्वास्थ्य सेवाएं शनिवार सुबह 6 बजे से रविवार सुबह 6 बजे तक काम नहीं करेंगी।

चिकित्सकों की हड़ताल की वजह से मरीज को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

 कई प्रकार की जांच सुविधा जहां मरीजों को नहीं मिल पाई, वहीं सर्जरी भी टाल दी गई।

हालांकि, हड़ताल का आह्वान करने वाले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के कहे अनुसार इमरजेंसी सेवाएं चालू रही। मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भी चिकित्सकों की हड़ताल की वजह से ओपीडी बंद रही। चिकित्सक पहुंचे जरूर परंतु काम नहीं किया।

इमरजेंसी सेवाएं चालू रहने की वजह से आपातकाल में मरीजों की भीड़ देखी गई। चिकित्सकों की हड़ताल से मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासतौर पर बाहर से पहुंचे मरीज ज्यादा परेशान दिखे।


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