सरगुजा
तीन पीढ़ी बीतने के बाद भी नहीं मिला वन अधिकार पट्टा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लखनपुर, 21 जुलाई। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड से मात्र 7 किलोमीटर दूरी पर बसा ग्राम पंचायत बेलदगी के सुंदरपुर पारा है,जहां राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पंडो जनजाति के लोग निवासरत हैं। यहां न तो सडक़ की व्यवस्था है साथ ही स्कूल भवन तो है पर छत टपक रही है। वहीं स्कूल प्रांगण में बने शौचालय उपयोग लायक नहीं है। शौचालय का उपयोग बच्चे नहीं कर रहे बल्कि गाय-बकरी कर रहे हैं।
ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि वो तीन पीढ़ी से निवासरत हैं, पर आज तक इस जमीन का पट्टा नहीं बन पाया है, जबकि यहां के ग्रामीण विशेष पिछड़ी जनजाति राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पण्डो जाति के लोग हंै। इनके द्वारा तीन बार कलेक्टर को आवेदन दिया जा चुका है, पर अभी तक उक्त समस्या का निराकरण नहीं हुआ है। अब ये ग्रामीण रायपुर जाकर मुख्यमंत्री को आवेदन देकर जमीन का पट्टा दिलाने की मांग करने जाने की तैयारी में है।
सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता धीरेंद्र शर्मा ने इस मामले में कहा कि ये गांव विकासखंड से महज 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है,पर इस गांव में विकास का नाम ही नहीं है। यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। सडक़ नहीं होने से बीमार मरीजों को घर से सडक़ तक पकडक़र ले जाना पड़ता है और उसके बाद वाहन की सुविधा मिल पाती है। यहां जो स्कूल भवन बना है जो जर्जर होने से पिछली सरकार द्वारा स्कूल जतन योजना से मरम्मत कराया गया पर इसके बाद भी स्कूल की छत टपक रही है, जिससे बच्चों को पढ़ाई करने में समस्या हो रही है और वहीं यहां के ग्रामीण 1980 से छोटे झाड़ के जंगल जमीन पर काबिज है, पर अभी तक इन्हें वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत पट्टा नहीं मिल पाया है। जिसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता धीरेंद्र शर्मा ने यहां के ग्रामीणों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री के पास लेकर जाने को कहा है।


