सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 19 जुलाई। विगत 3 वर्षों से सरगुजा क्षेत्र में मानसून की बेरुखी के कारण किसानो पर उत्पन्न आर्थिक संकट को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी, सरगुजा के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने उप संचालक, कृषि, सरगुजा को पत्र लिखकर सरगुजा क्षेत्र में वैकल्पिक नगदी फसल के प्रचलन के अध्ययन के लिये विशेषज्ञों की टीम गठित करने का अनुरोध किया है।
सरगुजा जिले के अस्सी प्रतिशत किसान धान की खेती पर आश्रित हैं। जबकि सरगुजा जिले का अधिकांश भू-भाग असिंचित है। मानसून पर निर्भर किसानो पर विगत 3 वर्षो से क्षेत्र में मानसून की अनिश्चितता और अल्प वर्षा के कारण जबरदस्त आर्थिक मार पडी है। अल्प वर्षा के साथ ही इस वर्ष खाद की अनुपलब्धता के कारण किसानो पर दोहरी मार पड रही है। ऐसे में जलवायू परिवर्तन के इस दौर में अब यह आवश्यक है कि सरगुजा क्षेत्र में धान के अलावा ऐसे फसलों के उगाने को प्रोत्साहित किया जाये जो किसानों को आर्थिक रुप से मजबूत बनाये। इसके लिये पहल करते हुए त्वरित रुप से वैकल्पिक फसल के लिये प्लान बनाकर शासन को प्रतिवेदन भेजा जाना आवश्यक होगा। इसके लिये आवश्यकतानुसार कृषि स्थाई समिति की बैठक भी करवाने का अनुरोध भी उनके द्वारा किया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता स्वयं भी एक उन्नत किसान हैं एवं कृषक संगठनों से जुड़े हुए हैं। जिले में औसत से करीब 60 प्रतिशत कम हुई बारिश से किसानो को हो रही परेशानी से वे वाकिफ हैं। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में सरगुजा के अल्पवृष्टि क्षेत्र में परिवर्तित होते देखते हुए उन्होंने यह नितिगत मांग का अनुरोधपत्र शासन को प्रेषित किया है।


