सरगुजा
फूलों से सुसज्जित रथ को खींचने श्रद्धालु उमड़े
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 15 जुलाई। मौसी गुंडिया के घर नौ दिनों तक विश्राम के बाद महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी आज बहन सुभद्रा, भाई बलभद्र के साथ फूलों से सुसज्जित आर्कषक रथ में सवार हो वापस घर (जगन्नाथ मंदिर) लौटे।
महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी जी के रथ को खींचने श्रद्धालुओं में होड़ मची रही। ढोल, मंजीरे, डफली, झाल की झुंड के साथ भजन कीर्तन करते श्रद्धालुओं का सैलाब भक्ति भाव में विभोर हो रथ के साथ-साथ चलता रहा। घर पहुंचने के बाद महाप्रभु ने श्रद्धालुओं को पुन: दर्शन दिये।
इस अवसर पर ओडिशा से आए पुजारी संभूनाथ पंडा के सानिध्य में आलौकिक श्रृंगार, भजन, पूजन, महाआरती के साथ प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन को लेकर भक्ति और उल्लास का माहौल रहा।
विदित हो कि देवस्नान के बाद महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी बुखार से पीडि़त हो गये थे और घर (मंदिर) का पट बंद कर पुजारी के द्वारा उनका विविध औषधियों से उपचार किया जा रहा था।
15 दिनों के उपचार के बाद महाप्रभु स्वस्थ हुए और नेत्रोत्सव, नौयौवन दर्शन के साथ श्रद्धालुओं को दर्शन दिये और भाई, बहन के साथ रथ में सवार हो मौसी के घर नौ दिनों तक मेहमानी पर गये थे।
मौसी के घर आवाभगत, दर्शन के साथ हर रोज आरती के बाद भंडारा प्रसाद की वितरण भी किया जा रहा था। नौ दिनों के मेहमानी के बाद महाप्रभु भाई, बहन व सुदर्शन के साथ आज वापस घर लौटे। इस दौरान उत्कल समाज के अलावा विभिन्न समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


