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अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस: केआर टेक्निकल महाविद्यालय में कई आयोजन
09-Sep-2022 8:31 PM
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस: केआर टेक्निकल महाविद्यालय में कई आयोजन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अम्बिकापुर, 9 सितंबर। केआर टेक्निकल महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर विभिन्न साक्षरता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, विधिक साक्षरता, नागरिक कर्तव्य साक्षरता एवं चुनावी साक्षरता पर महाविद्यालय के अलग-अलग समितियों और क्लब ने छात्र-छात्राओं के लिए व्याख्यान आयोजित किए।

सबसे पहले आईटी क्लब के द्वारा डिजिटल साक्षरता विषय पर डीसीए, बीसीए, पीजीडीसीए, एम.एससी.आईटी और एम.एससी. कंप्यूटर विज्ञान के छात्रों के लिए व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा रहे। उन्होंने डिजिटल साक्षरता को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समझाया। सर्वप्रथम उन्होंने कहा कि हम एंड्रॉयड फोन लेने के साथ ही डिजिटल साक्षरता के क्षेत्र में कदम रखते हैं। स्मार्टफोन लेने के साथ ही इसके लिए एक ईमेल एड्रेस की आवश्यकता होती है यदि आपके पास जीमेल है तो आप डिजिटल साक्षर हैं। जीमेल आईडी से होने वाले प्रमुख कार्यों के विषय में विस्तारपूर्वक छात्र छात्राओं को समझाए। आगे उन्होंने फेसबुक में ट्रू फैक्टर एथेंटिकेशन के बारे में बताया।

 उन्होंने कहा कि कोई अन्य व्यक्ति हमारे फेसबुक आईडी और पासवर्ड का उपयोग हमारी अनुमति के बिना दूसरे डिवाइस में नहीं कर सकता। साथ ही उन्होंने आगे थर्ड पार्टी वेबसाइट पर कोई एप्लीकेशन डाउनलोड नहीं करने का संदेश भी दिया क्योंकि इससे हमारे साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी हो सकती है।

उन्होंने मोबाइल ट्रांजैक्शन के विषय पर चर्चा की एवं योनो एसबीआई एप्लीकेशन के विषय में बताया, जिसमें बिना एटीएम कार्ड के 20000 रुपए रुपए तक निकाल सकते हैं। आगे उन्होंने गूगल सर्च इंजन के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए कहा गूगल के लिए सभी यूजर्स उसके डाटा के स्रोत होते हैं। गूगल सर्च इंजन में वांछित जानकारी कैसे प्राप्त कर सकते हैं यह सभी महत्वपूर्ण जानकारी पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विस्तार पूर्वक समझाया।

उसके बाद सोशल सर्विस कमेटी के द्वारा नागरिक कर्तव्य साक्षरता विषय पर बीए और एमएसडब्लू के छात्रों के लिए व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता ममता दुबे रहीं। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम उन्होंने छात्र-छात्राओं को नागरिकता को परिभाषित करते हुए विस्तारपूर्वक समझाया। कार्यक्रम के अगली कड़ी में उन्होंने संविधान में प्रदत्त नागरिकों के मूल कर्तव्य के विषय में छात्र-छात्राओं को विस्तारपूर्वक समझाया। यह कार्यक्रम सोशल सर्विस कमेटी द्वारा संपन्न किया गया।

कार्यक्रम की अगली कड़ी में वूमेन एंपावरमेंट सेल द्वारा के द्वारा वित्तीय साक्षरता विषय पर बीकॉम, बीबीए, पीजीडीबीएम और एमकॉम के छात्रों के लिए व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महाविद्यालय के डायरेक्टर रीनू जैन रहीं। सर्वप्रथम उन्होंने छात्र छात्राओं को वित्तीय साक्षरता के विषय में विस्तारपूर्वक समझाया और कहा कि, हमारे पास कोई धन आता है उसका उपयोग कैसे करें यही वित्तीय साक्षरता है। कोरोना महामारी के दौरान हम बहुत वित्तीय संकट के दौर से गुजरे हैं अत: इस कारण वित्तीय साक्षरता की आवश्यकता महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने वित्तीय साक्षरता को स्पष्ट करने के लिए चार बिंदुओं पर चर्चा किया। सबसे पहले बजटिंग पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा की हमारे पास कोई निश्चित धनराशि है, उसे किस क्षेत्र में लगाएं या कैसे खर्च करें बजटिंग कहलाता है। बजटिंग हमारे पैसों के कारगर प्रबंधन की पहली सीढ़ी है अपनी जरूरतों और मांगों के बीच के अंतर को समझने की हमारी क्षमता को दर्शाता है। उसके बाद विभिन्न प्रकार के ऋण जैसे व्यक्ति ऋण, वाहन ऋण, आवास ऋण, एवं कृषि ऋण आदि के विषय में छात्र छात्राओं को विस्तार पूर्वक समझाया । उन्होंने विद्यालक्ष्मी स्कीम के बारे में विस्तार से समझाया जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आसानी से ऋण प्राप्त हो सकता हैं। अगले क्रम में उन्होंने बचत को समझाते हुए बचत खाता, चालू खाता और वयस्कों के लिए खाता एवं जमा राशि के अंतर्गत आवर्ती जमा, सावधि जमा के विषय में छात्र छात्राओं को विस्तार से समझाया । अंत में उन्होंने निवेश के अंतर्गत बीमा एवं पेंशन का परिचय दिया। निवेश के अंतर्गत शेयर बाजार एवं म्युचुअल फंड आदि में निवेश की विषय में चर्चा किया, साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान में युवाओं का रुझान शेयर बाजार की ओर ज्यादा रहा है । शेयर बाजार जोखिम भरा होता है, इसमें फायदे के साथ नुकसान भी हो सकते हैं।

मतदाता जागरूकता समिति एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में चुनावी साक्षरता विषय पर एम.एससी.बॉटनी, एम.एससी. जूलॉजी, एम.एससी. केमिस्ट्री और एम.एससी. मैथ के छात्रों के लिए व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए स्वीप के नोडल अधिकारी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री विनितेश गुप्त ने कहा कि हमें 18 वर्ष पूर्ण करने के पश्चात देश के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने अधिकार के साथ-साथ कर्तव्य का भी निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने उन छात्र-छात्राओं को मतदाता पहचान पत्र बनवाने हेतु प्रेरित किया जिन्होंने अभी तक मतदाता पहचान पत्र नहीं बनवाया है। साथ ही साथ प्रत्येक चुनाव में मतदान क्यों करना चाहिए इस पर भी जानकारी देते हुए उन्होंने लोकतंत्र के सबसे बड़े त्यौहार में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव में इक्वल अपॉर्चुनिटी सेल द्वारा के द्वारा विधिक साक्षरता विषय पर बीएससी बायो और बीएससी मैथ के छात्रों के लिए व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता महाविद्यालय के आईक्यूएसी समन्वयक श्री विनय अम्बस्ट रहे उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कानून क्या है। हमें कानून जानना क्यों जरूरी है । कानून कैसे बनाते हैं, और कानून कौन बनाता है आदि विषय पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया। आगे उन्होंने कानून के प्रकार को समझाया, जिसमें सार्वजनिक कानून और व्यक्तिगत कानून की उन्होंने चर्चा की। कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका शासन के इन तीनों अंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन उन्होंने किया। राज्य शासन द्वारा कानून कैसे बनाया जाता है एवं मौलिक अधिकार क्या है? और हमारे मौलिक अधिकार क्यों आवश्यक है, इस विषय को विस्तार पूर्वक छात्र-छात्राओं को समझाया। साथ ही यह भी बताए कि यदि कोई हमारे अधिकारों का हनन करता है तो हम क्या कर सकते हैं और अपने अधिकारों की रक्षा न्यायालय से कैसे प्राप्त कर सकते हैं।


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