सरगुजा
पिछले सत्र में सरगुजा राज्य में अव्वल था
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 5 सितंबर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत जिला स्तर पर शिक्षकों का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन बहुउद्देश्यीय हाईस्कूल अम्बिकापुर के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग सरगुजा एवं एविडेंस एक्शन संस्था के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
यह आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पी.एस.सिसोदिया एवं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. संजय गुहे के दिशानिर्देशन तथा नोडल डॉक्टर शैलेन्द्र गुप्ता एवं डाँ.पुष्पेंद्र राम डीपीएम के मार्गदर्शन में किया जा रहा है । प्रशिक्षण के प्रथम सत्र के दौरान प्रचार्य एच.के.जायसवाल ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य का विषय जुड़ा हुआ है। बच्चें स्वस्थ रहेंगे तो पूरे तन्मयता के साथ शिक्षा ग्रहण करेंगे। ऐसे में सभी शिक्षकों का दायित्व होता है कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम में सहयोग देकर इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को सफल बनायें।
प्रशिक्षक डॉ. वर्षा शर्मा ने बताया कि एलबेंडाजोल की दवा पेट की दवा कृमि को मारता है। वर्ष में दो बार छ: माह के अन्तराल बच्चों को दिया जाता है। शोध में यह पाया गया है कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के फलस्वरूप स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है। बच्चें स्वस्थ रहते है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षा विभाग की अहम भूमिका का। एविडेंस एक्शन संस्था भी पूरी तन्मयता के साथ स्वास्थ्य विभाग को सहयोग कर रही है।
जिला समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने कहा कि बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक विकास की दृष्टि भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम को एक अभियान के रूप में चलाया जा रहा है।
आभार प्रदर्शन करते हुए शिक्षक अंचल सिन्हा ने कहा कि 9 सितंबर को स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में सभी बच्चों को एलबेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। जिसे बच्चें चबा-चबा कर खाएंगे। छोटे बच्चों को चूरा करके दवा खिलाना है।
स्वास्थ्य विभाग के वशी रहमान ने रिपोर्टिंग प्रपत्र की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले सत्र में आप लोगों के सहयोग से सरगुजा जिला छत्तीसगढ़ प्रांत में एक नम्बर पर रहा।
इस बार भी पूरी निष्ठा और लगन से इस कार्यक्रम को सफल बनाएंगे। उम्मीद है इस बार भी अच्छे परिणाम आयेंगे।


