सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,4 सितम्बर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस.सिसोदिया के मार्गदर्शन एवं नोडल अधिकार डॉ. शैलेंद्र गुप्ता के दिशानिर्देशान में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत जिला महिला एवं बाल विकास के सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं महिला बाल विकास के कर्मचारी सहभागी रहे ।
प्रशिक्षक डॉ. वर्षा शर्मा ने प्रशिक्षण को विभिन्न चरणों में विभाजित कर सविस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. वर्षा ने कहा कि कुपोषण को दूर करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका है। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से हम सरगुजा को कुपोषण मुक्ति बना सकते हैं । इसी तारतम्य में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम तहत राज्य शासन के निर्देशानुसार 9 सितम्बर को स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में एलबेंडाजोल की दवा एक साल से 19 के बच्चों को खिलाया जायेगा एवं छुटे हुए बच्चों के लिए 14 सितंबर का दिन निश्चित किया गया है। एविडेंस एक्शन संस्था द्वारा विशेष सहयोग देकर बेहतर परिणाम लाने की कोशिश की जा रही है ।
जिला समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने कहा कि कृमि के प्रभाव से बच्चों का विकास प्रभावित होता है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के प्रभाव से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है। वशी रहमान ने रिपोर्टिंग प्रपत्र पर प्रकाश डाला । यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की ममता चौहन ने भी कार्यक्रम पर प्रकाश डाला ।
कार्यक्रम में अनिता तिवारी , ममता जायसवाल, मंजु जायसवाल, संगीता ताम्रकार, शशि श्रीवास्तव, माधुरी सिंह, शहनवाज बानों , नूतन सिन्हा, सुनीता कुजूर, नील कुसुम तिग्गा, रीता प्रजापति, ममता पान्ड़ेय, पूनम त्रिपाठी, शबनम परवीन, हेमा सिन्हा आदि उपस्थित रहे।


