सरगुजा

जर्जर शाला भवनों में बच्चों को न बैठाएं, स्कूलों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें
09-Jul-2022 8:02 PM
जर्जर शाला भवनों में बच्चों को न बैठाएं, स्कूलों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें

संकुल शैक्षिक समन्वयकों के अकादमिक सहयोग के लिए कार्यशाला

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सीतापुर, 9 जुलाई।
विकासखंड सीतापुर में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के द्वारा 7 से 8 तक दो दिवसीय संकुल शैक्षिक समन्वयकों के अकादमिक सहयोग हेतु कार्यशाला का आयोजन कमलापुरी धर्मशाला सीतापुर में आयोजित किया गया। जिसका उद्घाटन व समापन विकासखंड शिक्षा अधिकारी सीतापुर मिथिलेश सिंह सेंगर ने किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अजित प्रेमजी फाउंडेशन की इस कार्यशाला से निश्चित रूप से संकुल समन्वयकों को स्कूलों में शिक्षकों व बच्चों को अकादमिक सहयोग प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। सभी संकुल समन्वयक पूरे मन से इस कार्यशाला में उपस्थित रहकर सीखे, जिससे इसका सीधा लाभ सभी बच्चों को उनके शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में मिल सके।

विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री सेंगर ने उपस्थित संकुल समन्वयकों से कहा कि जर्जर शाला भवनों में बच्चों को न बैठावें व बरसात के मौसम को देखते हुए स्कूलों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। अपने अवलोकन में अनुपस्थित व विलम्ब से आने वाले शिक्षकों की जानकारी कार्यालय में अवश्य दें।

इस दो दिवसीय कार्यशाला में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन संस्था के रायपुर से आये राधेश्याम ने किस प्रकार संकुल समन्वयक स्कूलों में जाकर शिक्षकों को बच्चों के अध्यापन में अकादमिक सहयोग प्रदान करेंगे, इस बारे में छोटे-छोटे उदारण व बहुत ही आकर्षक गतिविधियों के माध्यम से सरल ढंग से समझाया। संस्था के ही अम्बिकापुर से इस कार्यशाला में आये राजेश ने गणित की बहुत संक्रियाओं को सवालों को बहुत ही सरल ढंग से समझाया। खासकर छोटे बच्चे जो गणित विषय को कठिन समझकर स्कूल से दूरी बना लेते हैं, उन बच्चों को कैसे हम गणित के सवालों को हल करने के नए तरीके व खेल की विभिन्न गतिविधियों से बच्चों में गणित के प्रति लगाव/रुझान पैदा कर सकते है ये बताया। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन सीतापुर के चन्द्रभान ने भी स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर की पहचान कर शिक्षकों को कक्षा में किन अवधारणाओं पर कार्य करें, इसकी सर्वप्रथम पहचान करना क्यों आवश्यक है यह बताया।

अजीम प्रेमजी संस्था के ज्ञान विकासजी ने भी संकुल समन्वयकों को इस कार्यशाला में बताया कि बच्चे अपने कक्षा स्तर के लर्निंग आउटकम को कैसे प्राप्त कर सकते है। इसके लिए हमें शिक्षकों को किस प्रकार सहयोग करना है, इसकी बुनियादी जानकारी उन्होंने विभिन्न उदाहरण देकर व गतिविधियों के माध्यम से दी।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने सरगुजा जिले के दो विकासखंड अम्बिकापुर व सीतापुर में इस सत्र से कोरोना काल मे बच्चों के शैक्षणिक गुणवत्ता में कमी को दूर करने में शिक्षकों को सहयोग प्रदान करने हेतु कार्य प्रारंभ किया है जो आगे भी जारी रहेगा।साथ ही संकुल समन्वयकों को संकुलो में व सीतापुर विकासखंड में शिक्षकों को भी अकादमिक सहयोग प्रदान करने के लिए संस्था की टीम के सदस्य स्कूलों में भी जाकर अपना योगदान देंगे।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन संस्था द्वारा जल्दी ही सीतापुर में एक टीचर लर्निंग सेंटर भी खोलने की योजना है जिसमें शिक्षकों के लिए एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु प्रेरणादायक पुस्तकें, टीचिंग मटेरियल,टीएलएम,पत्र-पत्रिकाएं आदि नि:शुल्क उपलब्ध रहेंगी, जहां शिक्षक अपनी सुविधानुसार, समयानुसार आकर लाभ प्राप्त कर सकते है। उक्त जानकारी शिक्षा विभाग के मीडिया प्रभारी उमेश मिश्रा ने दी।


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