सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 3 जून। एनएच-43 में सैकड़ों किसान जिनकी जमीन एनएच में ले ली गई है, उन्हें अब मुआवजा राशि के लिए शासन-प्रशासन का मुंह ताकना पड़ रहा है। अधिकारी स्तर पर कई बार आंदोलन कर अपनी बात रखने के बाद भी किसानों को अभी तक अपनी जमीन, घर, बाड़ी, पेड़ जो एनएच प्रशासन द्वारा हटा कर सडक़ बना दी गई, उसका मुआवजा राशि पाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगाकर किसान थक चुके हैं।
ग्राम लोधीमा, साढ़बार, भिट्टी कला, महुआ टिकरा के किसान व आमजन एक बार फिर आंदोलन करने का मन बना लिए हंै। किसान एकजुट होकर शासन से जल्द मुआवजा राशि प्रदान करने के लिए एक बैठक गुरुवार को शाम साडबार एनएच में की। किसानों का कहना है कि चार-पांच वर्षों से हमें मुआवजा के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है, हमारे मकान बाड़ी पेड़ सब हटाकर एनएच द्वारा सडक़ बना दी गई है। अब पैसे के अभाव में हम फिर अपना घर-बाड़ी नहीं बना पा रहे हैं। यदि शासन-प्रशासन एक माह के अंदर मुआवजा राशि प्रदान नहीं करती है तो हम आंदोलन करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन व एनएच प्रशासन की होगी।
जल्द बैठक होने की उम्मीद
एनएच-43 में मुआवजा राशि को लेकर प्रदेश स्तर पर पीडब्ल्यूडी सेक्रेटरी एवं मोर सेक्रेटरी के बीच जल्द बैठक होने वाली है, जिसमें मुआवजा के संबंध में कुछ अन्य बिंदुओं पर निर्णय लिए जाने की जानकारी है। उक्त प्रदेश स्तरीय बैठक नहीं होने के कारण मुआवजा राशि वितरण में लेटलतीफी हो रही है, जिसके कारण सैकड़ों किसानों का वर्षों से अपने ही जमीन का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में कई बार किसानों ने एनएच में धरना-प्रदर्शन कर शासन प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी थी, लेकिन अभी तक उन किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिल सका है।
इस संबंध में एनएच एसडीओ नितेश तिवारी ने बताया कि शासन-प्रशासन से मांगी गई जानकारी एनएच द्वारा ऊपर भेज दी गई है, जल्द ही शासन इस पर कोई निर्णय लेगी।
संबंधित विभाग ही स्पष्ट कर पाएगा- एसडीएम
इस संबंध में अंबिकापुर एसडीएम प्रदीप साहू ने बताया कि एनएच द्वारा प्रशासन से मुआवजा सहित कुछ बिंदुओं पर अभिमत मांगा गया था, जिसे समय सीमा में कलेक्टर को प्रस्तुत कर दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा भी एनएच को सभी बिंदुओं पर जानकारी प्रदान कर दी गई है, मुआवजा में हो रही देरी का कोई कारण संबंधित विभाग ही स्पष्ट कर पाएगा।
जल्द ही प्रकरण का निराकरण होगा-ईई
इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के कार्यपालन अभियंता बीके पटोरिया ने बताया कि शासन प्रशासन से मिले अभिमत को सडक़ मंत्रालय भेज दिया गया है,जो जानकारी मांगी गई थी, डिवीजन स्तर पर भी भेज दी गई है। जल्द ही प्रकरण का निराकरण शासन स्तर पर भी कर लिया जाएगा और राशि प्रदान हो जाएगी।


