सरगुजा
सरगुजा साइंस ग्रुप एजुकेशन सोसायटी ने सेनेटरी पैड किया वितरित
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 29 मई। विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस कार्यक्रम कलेक्टर, महापौर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन व जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से 28 मई को माता राजमोहनी देवी सभागार में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रैली निकालकर की गई। सर्वप्रथम यूनिसेफ, जिला मोबिलाईजेशन समन्वयक ममता चौहान ने कार्यक्रम का उद्देश्य तथा संबंधित विषय पर चर्चा की।
प्रोजेक्टर के माध्यम से माहवारी से संबंधित अम्मा जी वाली फिल्म दिखाई गई, जिसमें उपस्थित किशोरी बालिकाओं तथा महिलाओं को माहवारी क्या है, क्यों होता है , कब होता है, संक्रमण का खतरा कैसे व किस वजह से होता है तथा इसको लेकर लोगों में क्या-क्या भ्रांतियां हैं और इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए हम क्या कर सकते हैं, साथ ही लैंगिक समानता एवं लैंगिक भेदभाव विषय पर फि़ल्म दिखाया गया, ताकि माहवारी स्वच्छता एवं प्रबंधन की जानकारी पुरुषों को भी होनी चाहिए तथा इस दौरान पुरूषों को महिलाओं की मदद करनी चाहिए, उपरोक्त विषय की जानकारी का लोगों में बहुत अभाव है निश्चित ही इस विषय पर जन जागरूकता कार्यक्रम की नितांत आवश्यकता है,ऐसे में हम सबकी सामाजिक जवाबदारी है कि हम सब मिलकर इस दिशा में लोगों को जागरूक करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य यही है कि माहवारी से जुड़ी जानकारी व बातों को समझें और गांव की उस अंतिम महिलाओं एवं बालिकाओं तक पहुंचाया जाये, ताकि समाज का प्रत्येक पुरुष चाहे पति हो, पिता हो या भाई हो उनके लिए सहयोगी और संवेदनशील बने, लिंग भेदभाव और समाज में माहवारी संबंधी भ्रांतियों को दूर करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें, तथा इसकी शुरुआत अपने घर से ही करें।
जिला समन्वयक ने बताया कि माहवारी प्रकृति की देन है और यह एक सामान्य क्रिया है तथा इस विषय पर खुलकर एवं स्पष्ट बात करने की आवश्यकता है ताकि उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से महिलाओं तथा बालिकाओं को बचाया जा सके, और वो बिना किसी डर या झिझक के अपनी बात अपने घर परिवार में दोस्तो साथियो को कह सके, साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग को माहवारी जन जागरूकता कार्यक्रम हेतु प्रेरित किया गया, उन्होंने यह भी कहा कि यह एक शारीरिक प्रक्रिया है इससे जुड़ी भ्रांतियों को हमें जड़ से उखाडऩे तथा लैंगिक भेदभाव के खिलाफ युवाओं को जोडऩे तथा उनकी आवाज बुलंद करनी होगी, ताकि युवाओं की आवाज प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच सके, तभी हम एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकेंगे।
अंबिकापुर परियोजना अधिकारी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यूनिसेफ के द्वारा ये सराहनीय कार्यक्रम है, ऐसे कार्य हेतु हमें मिलकर कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता है।
समाज सेविका डॉ.मीरा शुक्ला ने कहा कि माहवारी विषय पर कार्यशाला की जा रही है,यह बड़ी बात है। इस विषय पर बात करना बहुत जरूरी है।
इस कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग अंबिकापुर, एम.एस.एस वी पी संस्था की संचालिका, शहरी पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं, किशोरी बालिकाएं एवं महिलाएं उपस्थित रही, इसके साथ ही इस महवारी कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला संघ- सरगुजा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के रोवर्स, रेंजर्स,जिला संगठन आयुक्त सरगुजा, यूनिसेफ स्वयंसेवकों, का सराहनीय सहयोग रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित किशोरियों को सेनेटरी नैपकिन वितरण किया गया, जिसे सरगुजा साइंस ग्रुप एजुकेशन सोसायटी अम्बिकापुर के तहत सेनेटरी पैड प्रदान किया गया था।


