सरगुजा

भाजपा किसान मोर्चा ने समितियों के बाहर किया धरना-प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा
24-May-2022 8:55 PM
भाजपा किसान मोर्चा ने समितियों के बाहर किया धरना-प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 24 मई।
अमानक खाद को लेने की बाध्यता समाप्त करने एवं पांच अन्य मांगों को लेकर सरगुजा जिले में 40 सहकारी समितियों के बाहर भाजपा सहित किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने धरना देकर समिति प्रबंधक को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

सोमवार को प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा पूरे छत्तीसगढ़ के किसानों को वर्मी कंपोस्ट के रूप में अमानक खाद को लेने की बाध्यता समाप्त करने एवं किसान हित में पांच अन्य मांगों को लेकर भाजपा किसान मोर्चा द्वारा जिला अध्यक्ष जनमेजय मिश्रा के मार्गदर्शन में सरगुजा जिले के 12 मंडलों के 40 सहकारी समितियों में किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष अंबिकापुर मनीष बारी, अंबिकापुर ग्रामीण हीरा राजवाड़े, उदयपुर नरेंद्र सिंह, मैनपाट गोपाल यादव, लुण्ड्रा सतीश जयसवाल, धौरपुर प्रदीप कुमार प्रेमी, बतौली किसान मोर्चा उपाध्यक्ष दुर्योधन पैकरा, कुन्नी कन्हैया सर्राफ, दरिमा श्रवण कुमार सिंह, सीतापुर विनोद अग्रवाल, लखनपुर मोहपाल नवानगर मोहर साय तिर्की के नेतृत्व में सहकारी समितियों में धरना प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञात हो कि सोमवार को प्रदेश किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में एक साथ किसान मोर्चा द्वारा जंगी प्रदर्शन का आयोजन किया गया है।

श्री मिश्रा ने धरना में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि कांग्रेस की भूपेश सरकार के द्वारा विगत साढ़े 3 वर्षों में किसान विरोधी नीतियां चलाई जा रही है, किसान अपने विभिन्न समस्याओं को लेकर परेशान है। हालात यह है कि सैकड़ों किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
वर्तमान में अभी किसानी का समय आ रहा है। प्रदेश सरकार के किसान विरोधी नीतियों के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

भूपेश सरकार किसानों को अमानक और घटिया खाद जो की रेत मिट्टी मिला है जो खेतों के लिए बिल्कुल उपयोगी नहीं है, किसान गोबर खाद प्रति एकड़ 90 किलो, 1000 रुपये में लेने के लिए मजबूर हैं। किसान सरकार द्वारा बेचे जा रहे घटिया खाद को लेना नहीं चाहते। किसान समितियों में जाते हैं और यदि गोबर खाद लेने से मना करते हैं तो समिति प्रबंधक द्वारा यूरिया और डीएपी देने से साफ मना किया जाता है जिससे किसान हताश व परेशान हंै।

छत्तीसगढ़ की पहचान किसानों से है और आज हमारे सरगुजा के अन्नदाता किसानों की हालत बद से बदतर है। किसान मोर्चा ने प्रदेश की भूपेश सरकार से मांग की है कि सभी किसानों को प्रति एकड़ 3 बोरी 90 किलो गोबर खाद खरीदी की बाध्यता समाप्त हो साथ ही किसानों को आर्थिक रुप से वर्मी कंपोस्ट खरीदने की छूट हो और वर्मी कंपोस्ट मानक हो एवं रेत नहीं मिला हुआ हो।

प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में जारी राजीव गांधी न्याय योजना के अंतिम किस्त की राशि में 40 से 50 प्रतिशत तक की कटौती करते हुए करीब 470 करोड़ की राशि किसानों को कम जारी की गई है, इस अंतर की राशि को तत्काल किसानों को जारी किया जाए।

किसानों का दाना दाना खरीदने का वादा था क्योंकि छत्तीसगढ़ में रवि की फसल भी पर्याप्त मात्रा में होती है अत: फसल की खरीदी 2500 प्रति क्विंटल में तत्काल प्रारंभ किया जाए, अपने घोषणापत्र के अनुरूप 2 वर्ष का लंबित बोनस देने का वादा किया था किंतु भूपेश सरकार साढ़े 3 वर्ष से अधिक हो गए बकाया बोनस की राशि तत्काल जारी कर अपना वादा पूरा करें, राज्य सरकार प्रतिवर्ष गिरदावरी के नाम पर किसानों के खाते से लगातार कटौती कर रही है कहीं मेड काटे जा रहे हैं तो कहीं खेत ही कम कर दिए जा रहे हैं जिससे पूरे किसान आक्रोशित हैं।भाजपा किसान मोर्चा मांग करती है कि किसानों की संपूर्ण खेती हर रकबे का 15 क्विंटल का ही के हिसाब से धान खरीदी किया जाना सुनिश्चित करें, राज्य सरकार यदि इन मांगों को पूरा नहीं करती है तो भाजपा किसान मोर्चा किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।


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