सरगुजा
कहा- इमरजेंसी के इतिहास को दोहराएंगे तो, यहां से भी मुक्त हो जाएंगे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,1 मई। छत्तीसगढ़ सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 22 अप्रैल को रैली संबंधित निकाले गए 19 बिंदुओं वाले आदेश, जिसमें सभी निजी, सार्वजनिक धार्मिक, राजनीतिक व अन्य संगठनों द्वारा प्रस्तावित आयोजन जिसमें भीड़ आती हो, उसका कठोरता के साथ पालन करना सुनिश्चित किया गया है। इस आदेश को लेकर प्रदेश भाजपा के निर्देश पर राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने रविवार को अंबिकापुर नगर के भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता की।
श्री नेताम ने कहा कि सरकार द्वारा जो फरमान निकाला गया है, वह लोकतंत्र को कुचलने का काम किया गया है। भूपेश सरकार ने अपनी नाकामियों व झूठे वादों को दबाने के लिए ऐसा फरमान निकाला है। सरकार अपने कर्तव्य को भूल कर जिस प्रकार से तुगलकी आदेश जारी किया है, वह जन संगठनों के विरोध प्रदर्शन, धार्मिक भावनाओं, विपक्ष व अभिव्यक्ति की आजादी को कुचल देने वाला आदेश है।
श्री नेताम ने भूपेश सरकार को आगाह करते हुए कहा कि इमरजेंसी फिर से मत लाइए, कांग्रेस जबसे इमरजेंसी लाई देश के नक्शे से गायब हो गई और अब छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस ऐसा ही कह रही है। इमरजेंसी के इतिहास को दोहराएंगे तो छत्तीसगढ़ से भी कांग्रेस मुक्त हो जाएगी। नेताम ने कहा कि हम सब मिलकर जन जागरण करेंगे, सरकार आदेश वापस नहीं लेगी तो 16 अप्रैल को जेल भरो आंदोलन करेंगे, जिसमें हजारों भाजपाई विरोध स्वरूप अपनी गिरफ्तारी देंगे।
राज्यसभा सांसद ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार लोकतंत्र को कुचलते हुए व तानाशाही रवैया अपनाते हुए भूपेश सरकार ने जो आदेश निकाला हैं, वह प्रदेश के लिए काला कानून है। आपातकाल के समय भी ऐसा ही कानून लाया गया था, कांग्रेस की रीति नीति रही है कि जब भी वह सत्ता में आती है तुगलकी फरमान जारी कर लोकतंत्र को कुचलने का काम करती है।
श्री नेताम ने आगे कहा कि आज प्रदेश की जनता परेशान हताश है सरकार बड़ी-बड़ी वादा व घोषणा कर अपनी सरकार तो बना ली, पर इन घोषणाओं पर अमल नहीं कर रही है। अभी प्रदेश की जनता की बारी आया तो उन घोषणाओं का क्या हुआ। शराबबंदी,रोजगार,बेरोजगारी भत्ता,मितानिन,श्रम के क्षेत्र में आज क्या हुआ जो बड़े-बड़े वादे किए थे। पुलिस विभाग का बड़ा आंदोलन हुआ, वन विभाग आंदोलन, आंगनबाड़ी में काम करने वाली सहायिका व मनरेगा कर्मचारी सब अपनी अपनी मांगों को लेकर सडक़ पर है।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी, महामंत्री अभिमन्यु गुप्ता, संतोष दास सहित अन्य उपस्थित थे।
अधिकारियों के पास केवल बासी भात खाने ही बचा है
वार्ता के दौरान रामविचार नेताम ने पूरे प्रदेश में सरकार द्वारा अधिकारियों को बासी भात खिलाने पर तंज कसते हुए कहा कि अधिकारियों के पास केवल बासी भात ही खाने को बचा है, असली माल तो कोई और खा रहा है। अधिकारियों के कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगा दिया गया है, बासी भात के अलावा और कोई कुछ खाता है तो वह सामने आ जाएगा।
श्री नेताम ने अधिकारियों के बासी भात खाने पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि अधिकारी चावल में मिनरल वाटर डालकर खा पी रहे हैं, असली स्वाद तो रात को भात में पानी डालकर छोड़ देने और सुबह खाने पर आता है। श्री नेताम ने कहा कि बासी भात खाना हमारी रीति रिवाज में बसा है अगर भात ज्यादा बच जाता है तो उसका हडिय़ा बनाकर भी उपयोग कर लिया जाता है।


