सरगुजा

साल भर से अध्यक्ष व सदस्यों के पद रिक्त, उपभोक्ताओं की आयोग में नहीं हो रही सुनवाई
01-May-2022 2:44 PM
साल भर से अध्यक्ष व सदस्यों के पद रिक्त, उपभोक्ताओं की आयोग में नहीं हो रही सुनवाई

दो बार नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त हुई और तीसरे बार साक्षात्कार के बाद भी अब तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं

अभिनय साहू

अम्बिकापुर,  1 मई (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। एक वर्ष से सरगुजा सहित कई जिले में उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष एवं सदस्यों के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटान के लिए जिला उपभोक्ता आयोग में सुनवाई नहीं हो रही है।
राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया के लिए वर्ष 2020 से अब तक तीन बार विज्ञापन जारी कर आवेदन मंगाए गए थे, जिसमें से दो बार बिना किसी सूचना व कारण बताए समस्त प्रक्रिया निरस्त कर दी गई और फिर तीसरी बार उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में बनी चयन समिति की देखरेख में आवेदन मंगाए गए और समस्त अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की गई, परन्तु साक्षात्कार के लगभग चार माह होने को है, फिर भी वर्ष भर से खाली पड़े सरगुजा सहित कई जिला आयोगों में अध्यक्ष अथवा सदस्य की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाई है।

बार-बार नियुक्ति निरस्त किये जाने से उपभोक्ता हितों के संरक्षण के लिए बने कानून उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 और उसके आधार पर निष्पक्ष नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अब सवाल उठने लगने हंै। तीसरी बार उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित चयन समिति से आम उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि शायद तीसरी बार में इस संवैधानिक पद हेतु नियुक्ति प्रक्रिया को निपक्षता के साथ पूर्ण कर ली जाएगी, पर अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है।

जानकारी के मुताबिक चयन समिति ने 8 जनवरी 2022 को अध्यक्ष एवं 9 जनवरी 2022 को सदस्यों के पद पर नियुक्ति हेतु साक्षात्कार आमंत्रित किये थे, जिसके बाद इसी चयन प्रक्रिया के तहत 5 जिलों में नियुक्ति कर दी गई, परंतु सरगुजा सहित 8 जिलों की नियुक्ति प्रक्रिया को लंबित रख दिया गया, जिसके कारण साक्षात्कार के लगभग 4 माह पश्चात भी जिला उपभोक्ता आयोग सरगुजा में अध्यक्ष सहित दो सदस्यों के पद लगभग साल भर से अधिक समय से रिक्त है।
सरगुजा के साथ बलरामपुर जिला के उपभोक्ता को भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है

सरगुजा के उपभोक्ता न्यायालय में फरवरी 2021 से दोनों सदस्यों और जून 2021 से अध्यक्ष के पद खाली है। सरगुजा जिला उपभोक्ता न्यायालय बिना न्यायाधीश व सदस्यों के कर्मचारियों के भरोसे लगभग साल भर से खानापूर्ति करते हुए चल रहा है, जहां उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिल रही है।

ज्ञात हो कि सरगुजा जिला उपभोक्ता आयोग का क्षेत्राधिकार बलरामपुर जिला भी है, ऐसे में सरगुजा सहित बलरामपुर के दूरस्थ अंचल से आने वाले उपभोक्ताओं को भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सरगुजा बलरामपुर जिले के पीडि़त उपभोक्ता वर्ष भर से न्याय के लिए दर दर भटकने पर मजबूर हैं, जिला आयोग में सुनवाई तो दूर की बात पक्षकारों को नोटिस तक जारी नहीं हो पा रहा है और इस विषम परिस्थिति में विभाग भी मौन साधे बैठा है।

सरगुजा बलरामपुर जिले के उपभोक्ताओं के साथ साथ दोनों जिलों में विधि व्यवसाय से जुड़े अधिवक्तागण भी लगातार परेशान हो रहे हैं, पक्षकारों को उपभोक्ता न्याय के लचर व्यवस्था से नाराजगी तो बढ़ ही रही है इसके साथ साथ विधि व्यवसाय से जुड़े अधिवक्तागण भी नियुक्ति प्रक्रिया की लापरवाही से खासे नाराज हैं।

 उनका कहना है कि साल भर से रिक्त जिला उपभोक्ता आयोगों में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को प्राथमिकता देने के बजाय बार बार नियुक्ति प्रक्रिया को अवरुध्द किया जा रहा है। जिला उपभोक्ता आयोग एक संवैधानिक संस्था है विधिवत पारित कानून उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अनुसार निष्पक्ष नियुक्ति किया जाना है परंतु इसमें भी राजनीति आड़े आ रही है जिसका सीधा असर सरगुजा वह बलरामपुर जिले से न्याय की आस में आ रहे उपभोक्ताओं को हो रहा है।

लिंक कोर्ट में उपभोक्ताओं को केवल तारीख
सरगुजा जिला उपभोक्ता आयोग में कहने को तो 4 महीने से लिंक कोर्ट लग रहा है, परन्तु आयोग में आवश्यक कोरम की कमी के कारण उसमें भी उपभोक्ताओं को केवल तारीख ही मिल रही है। व्यावहारिक रूप से 2 दिन के लिए लग रहे लिंक कोर्ट में लंबित फाइलों पर सुनवाई करना मुश्किल होता जा रहा है ऊपर से नए केस पर सुनवाई व पंजीयन नहीं होने से जिला उपभोक्ता आयोग सरगुजा में लंबित प्रकरणों की संख्या अनाश्यक बढ़ते जा रही है। न्याय में देरी दिन पर दिन लगातार होते ही जा रहा है और न्याय में देरी अन्याय से कम नहीं।

15 दिनों के अंदर नियुक्ति नहीं होती है तो सडक़ पर उतर  करेंगे  आंदोलन-अध्यक्ष बार एसोसिएशन

उपभोक्ता आयोग में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने पर अंबिकापुर सरगुजा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, आम पक्षकारों व अधिवक्ताओं काफी परेशान हैं। अगर सरकार 15 दिनों के अंदर नियुक्ति नहीं करती है तो एसोसिएशन पूरे अधिवक्ताओं को लेकर सडक़ पर उतरेगी और उग्र प्रदर्शन करेगी।
श्री गुप्ता द्वारा कहा गया कि पूर्व में भी उनके द्वारा पहल की गई थी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।लोग दूरदराज से आकर परेशान हो रहे हैं उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। लगभग 1500 प्रकरण लंबित हैं और अंतिम स्थिति में हैं जिनका निराकरण नहीं हो पा रहा है।

राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण नियुक्ति नहीं हो पा रही- दुबे
आयोग में नियुक्ति नहीं होने को लेकर अम्बिकापुर सरगुजा बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक दुबे ने कहा कि वह अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के लिए व्यक्तिगत रूप से शासन  व हाईकोर्ट को पत्र लिखे थे। तीस सितंबर 2021 को उनके द्वारा लिखे गए पत्र पर रिमाइंडर लेटर आया था पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आवेदन मंगाया गया इंटरव्यू भी लिया गया लेकिन राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण नियुक्ति नहीं हो पा रहा है जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। आयोग में बाबू पेशी बढ़ाकर राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान तो पहुंचा ही रहा है वहीं लोगों को न्याय भी नहीं मिल पा रहा है।उपभोक्ता फोरम न्यायालय का उद्देश्य भी पूरा नहीं हो पा रहा है।


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