सरगुजा

11 अति उत्कृष्ट श्रमिकों को श्रम श्री के सम्मान से अलंकृत किया जाएगा-श्रीवास्तव
28-Apr-2022 7:45 PM
11 अति उत्कृष्ट श्रमिकों को श्रम श्री के सम्मान से अलंकृत किया जाएगा-श्रीवास्तव

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अम्बिकापुर, 28 अप्रैल। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर विगत अनेक दशकों से ट्रेड यूनियन कौंसिल छत्तीसगढ़ के द्वारा श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन होता आ रहा है। एक मई को होने वाले श्रमिक महासम्मेलन के बारे में प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते हुए ट्रेड यूनियन काउंसिल छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष अध्यक्ष डॉ. जेपी श्रीवास्तव ने बताया कि इस सम्मेलन में 11 अति-उत्कृष्ट श्रमिकों को श्रम श्री के सम्मान से अलंकृत किया जाता है। सम्मेलन में सभी क्षेत्रों से श्रमिक प्रतिनिधि भाग लेते हैं। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी राज मोहिनी देवी प्रांगण अम्बिकापुर में 1 मई को पूर्वान्ह 10 बजे से श्रमिक महा सम्मेलन आयोजित है। पूर्वान्ह 10 बजे से सम्मेलन का प्रथम सत्र प्रारंभ होगा, जिसमें श्रमिक प्रतिनिधियों का आगमन तथा पंजीयन का कार्य प्रारंभ होगा। इसके बाद श्रमिकों की समस्याओं के निदान पर गहन चर्चा होगी। यह चर्चा श्रमिक प्रतिनिधियों में वर्गवार होगी, श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच ग्रुप डिस्कशन होगा।

सम्मेलन में आयी समस्याओं तथा उनके निदान के सुझावों का प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। प्रथम सत्र के कार्यक्रम में ट्रेड यूनियन कौंसिल के पदाधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से आये श्रमिक प्रतिनिधि ही भाग लेंगे, इस सत्र में ही श्रमिकों को कानूनी जानकारी प्रदान की जाएगी तथा श्रमिकों के हित में बनी शासकीय योजनाओं तथा श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। मध्यान्ह 1 बजे से सम्मेलन का द्वितीय खुला सत्र प्रारंभ होगा, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा अन्य संगठनों के पदाधिकारी भाग लेंगे। इस सत्र में अति उत्कृष्ट 11 श्रमिकों को श्रम श्री के सम्मान से अलंकृत किया जायेगा। यह खुला सत्र अपरान्ह 3 बजे तक चलेगा। तीन बजे से प्रीतिभोज का आयोजन सम्मेलन स्थल में ही है।

प्रेस वार्ता के दौरान ट्रेड यूनियन काउंसिल के प्रांताध्यक्ष अध्यक्ष डॉ. जेपी श्रीवास्तव, द्वितेंद्र मिश्रा, आशीष वर्मा, प्रमोद चौधरी, अंचल ओझा सहित अन्य मौजूद थे।
ट्रेड यूनियन कौंसिल के द्वारा विगत वर्ष अनेक कार्य किये गये हैं। जिसमें प्रमुख हैं, मजदूरों को उनका भुगतान दिलवाना, अनेक लोग निर्माण कार्य कराने के बाद श्रमिकों का तयसुदा भुगतान नहीं करते हैं, यह समस्या अधिकतर निर्माण के समय ढलाई कार्यों में होती है। विगत वर्ष कौंसिल द्वारा विधिक शिविरों का आयोजन किया गया है, इन शिविरों में श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों, शासकीय योजनाओं तथा श्रमिकों के पंजीयन संबंधी बिन्दुओं पर विशेष जानकारी दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में नशा मुक्ति का अभियान चलाया गया, जिसके बहुत सार्थक परिणाम आये हैं। कौंसिल द्वारा जरूरतमंद श्रमिकों को ईलाज हेतु आर्थिक सहायता मुहैया कराई गई तथा दवाईयों की व्यवस्था की गई। भूमिहीनों को शासकीय पट्टा दिये जाने की पहल की, जिसके परिणाम भी आये. शासन की ओर से अनेक लोगों को काबिज भूमि पर पट्टा उपलब्ध कराया गया है। कौंसिल द्वारा शिक्षाकर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं, मितानिनों तथा अन्य कर्मचारी तथा श्रमिक संगठनों के आंदोलनों में सदैव सहयोग तथा समर्थन दिया जाता रहा है।

स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण एवं उनके स्वालंबन हेतु पुरजोर सहयोग दिया गया, साथ ही स्व सहायता समूहों के ऋण माफी हेतु पहल की गई, अनेक समूहों की ऋण माफी भी सरकार द्वारा की गयी है।

ट्रेनों को यथावत प्रारंभ करने की मांग
छत्तीसगढ़ राज्य सघन आदिवासी अंचल है। यहां आवागमन का सबसे सस्ता एवं सुलभ संसाधन रेलमार्ग है। इस क्षेत्र में अनेक पेसेंजर रेल गाडिय़ों के बंद होने से क्षेत्र के लोग परेशान है। इस परिप्रेक्ष्य में कौंसिल ने रेल मंत्री भारत सरकार को पत्र लिखकर पूर्व में संचालित सभी ट्रेनों को यथावत किये जाने का अनुरोध किया है।

श्रमिक दिवस के अवसर पर आदिवासी बाहुल्य सरगुजा जिले में ट्रेड यूनियन कौंसिल छत्तीसगढ़ द्वारा श्रमिक महा समेलन और श्रम श्री अलंकरण समारोह गौरवशाली परम्परा के तहत विगत चार दसकों से अनवरत रूप से आयोजित किया जा रहा है।

विगत वर्ष 2020 एवं 2021 में कोरोना महामारी के कारण यह आयोजन वृहद रूप में नहीं हो सका था, इन दो वर्षों में भी कौंसिल द्वारा कोरोना काल में जन सेवा में समर्पित जनों को श्रम श्री का यह सम्मान प्रदान किया गया है। मेडिकल कालेज पुलिस अधीक्षक कार्यालय, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डाटा सेंटर) में जाकर ग्यारह स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस कर्मियों एवं स्वच्छता कर्मियों को श्रम श्री से अलंकृत किया गया है। कोरोना काल में कौंसिल द्वारा लम्बे समय तक पका हुआ भोजन, सूखा राशन तथा काढ़ा का वितरण किया गया है। वर्ष 2020 में कौंसिल द्वारा 25,000 मास्क बनवा कर वितरित किये गये।

आयोजन में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रिगणों, विधायकों, मण्डल के अध्यक्षों, तथा कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्षों ने अतिथ्य हेतु स्वीकृति दी है। इस आयोजन को लेकर श्रमिक संगठनों में काफी उत्साह रहता है। श्रमिक स्वयमेव ही इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते है। विभिन्न श्रम संगठनों के लोग एकजुट होकर सम्मेलन में शरीक होते है। कौंसिल श्रमिक एवं कर्मचारी हित संवर्धन के अतिरिक्त सामाजिक क्षेत्र में विकास के लिये समर्पित भाव से अनेक कार्य कर रही है। सेवा और विकास ही कौंसिल का लक्ष्य है।


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