सरगुजा
कवि सम्मेलन में जुटी भीड़, कविताओं ने बांधा समा
28 साल बाद पुन: अंबिकापुर आना अविस्मरणीय रहा-डॉ. हरिओम
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 27 अप्रैल। मैं केशव का पाच्चजन्य हूं गहन मौन में खोया हूं, उन बेटों की याद कहानी लिखते-लिखते रोया हूँ.. राष्ट्रवाद के ओजस्वी कवि डॉ. हरिओम पंवार की इन पंक्तियों ने आज अंबिकापुर के कला केन्द्र मैदान में छत्रपति शिवाजी सेवा संघ द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में उपस्थित श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। अपनी चिरपरिचित शैली में लोकप्रिय कवि डॉ. हरिओम पंवार ने वही समा बांधा, जो 28 साल पहले अंबिकापुर में उन्होंने बांधा था। उन्होंने अंबिकापुर की जनता का आभार व्यक्त करते हुए इस कवि सम्मेलन को अपने सभी कवि सम्मेलन समर्पित कर दिए।
श्री पंवार ने कारगिल पर लिखी कविता का पाठ करते हुए कहा कि जो सैनिक सीमा रेखा पर ध्रुव तारा बन जाता है, उस कुर्बानी के दीपक से सूरज भी शर्माता है।
श्रृंगार रस की लोकप्रिय कवियित्री अनामिका जैन अंबर ने अपनी सुंदर प्रस्तुति से समा बांध दिया.. उनकी कविता-अब डर नहीं है मुझको किसी कत्लेआम का, बना लिया टैटू सनम तेरे नाम का.. ने युवाओं में धूम मचा दी। उन्होंने जनता की फरमाईस पर अपनी वाईरल हुई रचना.. यूपी में बाबा हैं यूपी में बाबा सहित कई शानदार रचनाओं की प्रस्तुति दी।
लोकप्रिय हास्य कवि शंभू शिखर ने ट्रंप के भारत आने पर लिखी अपनी हास्य वयंग्य रचना प्रस्तुत की तो लोग हंसते हंसते लोट पोट हो गए। लालू से मिलो वो तुम्हें बिहारी न कर दे,जनता तुम्हें वहां की भिखारी न कर दे।
उत्तर प्रदेश आना ट्रंप सोंच समझकर, योगीजी तुम्हें ट्रंप से तिवारी न कर दे। राष्ट्रवाद लोकप्रिय युवा कवि अमित शर्मा ने कश्मीर पर अपनी रचना सुनाकर सभी को रोमांचित कर दिया..बारूद भरा था तुमने घाटी में, उसको तो फटना ही था.कलंक बना था 370 उसको तो हटना ही था।
देशभक्ति पर जोरदार लिखने वाले युवा कवि कमल आग्नेय ने जब अपनी रचना-नारियों के जेवर को नर के कलेवर को, नेताजी सुभाष जैसे तेवर को क्या मिला. जिन्ना को मिला पाक नेहरू को हिंद, कोई तो बताये चंद्रशेखर को क्या मिला..सुनाकर सबके सामने प्रश्न चिन्हखड़ा कर दिया।
हास्य रस के लोकप्रिय कवि हेमंत पांडेय ने कानपुर के अपने संस्मरण सुनाकर सबको हंसने पर मजबूर कर दिया। कवि सम्मेलन के पूर्व स्थानीय कवियों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के प्रारंभ में छत्रपति शिवाजी सेवा संघ के संयोजक अंबिकेश केशरी ने आयोजन समिति की ओर से मां महामाया की धरा पर सभी राष्ट्रीय कवियों का स्वागत व अभिनंदन किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम भी पहुंचे थे। उन्होंने जमकर कवि सम्मेलन का लुफ्त उठाया। कार्यक्रम का संचालन समिति के सदस्य विवेक दुबे ने किया।
कवि सम्मेलन में पूर्व सांसद कमलभान सिंह, समिति के विद्यानंद मिश्रा, निलेश सिंह, संजय अग्रवाल नेता, राजेश सिंह, वेदांत तिवारी, भोला कश्यप, सर्वजीत पाठक, अनिल जायसवाल, मनोज गुप्ता, शानू कश्यप, शुभम अग्रवाल सहित अन्य उपस्थित थे।
5 लोगों को किया सम्मानित
कवि सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य व सेवा का कार्य करने पर 5 लोगों को कवि डॉ. हरिओम पंवार, अनामिका जैन अंबर, शंभू शिखर, कमल आग्नेय व अन्य कवियों द्वारा सम्मानित किया गया, जिसमें पीयूष त्रिपाठी को 87 बार रक्तदान करने व निशक्त जनों की सेवा करने पर सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा देवनारायण नेताम को कोरोनाकाल में लोगों की सेवा एवं सहायता, सत्यम द्विवेदी को वन्य जीव एवं पशुओं का संरक्षण करने पर, लखन सिन्हा को कला एवं संगीत के क्षेत्र में अपना लोहा मनवाने पर एवं रामबहादुर लामा को खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया गया।


