सरगुजा
रोजाना हजारों लोग पीते हैं शरबत व खाते हैं खीरा-चना
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 24 अप्रैल। यूँ तो सेवाभावी लोग अलग अलग जगहों पर गर्मी आते ही सेवा देने पानी का प्याऊ लगते हैं, मगर अम्बिकापुर के राम मंदिर रोड में एक अनोखा प्याऊ है जो कि पूरे प्रदेश में कहीं नहीं। इस प्याऊ में रोजाना ठंडा शरबत तो मिलता है साथ में खाने के लिए रोज़ाना खीरा,चना, गुड़, तरबूज, बूंदी व अन्य चीजें बदल बदल कर मिलती हैं। मारवाड़ी युवा मंच अम्बिकापुर द्वारा राहगीरों को यह सेवा दी जाती है। मंच द्वारा प्रतिवर्ष यह अनोखा प्याऊ लगाया जाता है जो शायद पूरे प्रदेश में कही नहीं है।
प्याऊ के संचालक व मंच के अध्यक्ष शुभम अग्रवाल ने बताया कि नवरात्रि से यह अनोखा प्याऊ लगाया गया है, जिसे जून में निर्जला एकादशी के दिन तक लगभग ढाई महीने तक चलाया जाएगा। शुभम ने बताया की रोजाना समाज के सेवाभावी लोगों की तरफ से यह प्याऊ चलता है, जिसके लिए एडवांस बुकिंग ली जाती है। शरबत प्याऊ में प्रतिदिन हज़ारों राहगीर अपनी प्यास बुझाते हैं, साथ ही अलग-अलग दिन तरह तरह के खाने की चीजें वितरण किया जाता ह,ै जिससे प्याऊ का अनोखापन और बढ़ जाता है।
मारवाड़ी युवा मंच की देश मे हजारों शाखाएं हैं व मंच का अमृत धारा के तहत गर्मी के मौसम में अभियान भी चलता है, जिसमें स्थायी व अस्थायी प्याऊ की व्यवस्था करनी होती है। मगर अम्बिकापुर में संचालित शाखा प्रतिवर्ष शरबत का ही प्याऊ लगाती है जो कि अम्बिकापुर शहर के साथ साथ प्रदेश में भी चर्चा का विषय रहता है। प्याऊ में शरबत व मसालेदार खीरा खाने के बाद राहगीरों का गला तर हो जाता है जिससे वो प्याऊ की तारीफ करते नहीं थकता।
अन्य शहर के साथ विदेश से भी आया सहयोग
शुभम बताते हैं कि प्याऊ के लिए अन्य शहरों से भी सहयोग मिलता है।हाल ही में विदेश में अमेरिका में रहने वाली कृष्णा अग्रवाल ने फेसबुक के माध्यम से प्याऊ के बारे में जान कर अपने परिचित द्वारा बोल कर एक दिन का प्याऊ का खर्च दिया गया।इसी तरह सूरजपुर,कुनकुरी,कलकत्ता,बिलासपुर व अन्य क्षेत्र के लोग भी बिना मांगे सहयोग करते हैं।


