सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लखनपुर, 27 मार्च। लखनपुर अस्पताल प्रबंधन की लगातार दूसरे दिन भी लापरवाही देखने को मिली। यहीं आज सुबह प्रसव के दौरान गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बीती रात लगभग 12 बजे लखनपुर अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती हुई गर्भवती को रात्रि कालीन ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने सुध नहीं ली। स्टाफ नर्सों के भरोसे गर्भवती को छोड़ दिया गया। आज सुबह 11 बजे प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई।
नवजात के मौत के बाद शव वाहन के लिए परिजनों को घंटो मशक्कत करना पड़ा, 3 घंटे के बाद मीडिया कर्मियों ने जब हस्तक्षेप किया तो तहसीलदार द्वारा शव को ले जाने वाहन की व्यवस्था की गई। इन दोनों मामलों में सरगुजा के सीएमएचओ पी एस सिसोदिया का कहना है कि जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का आरोप है कि लखनपुर विकासखंड के तुंनगरी निवासी गर्भवती अनु यादव को लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीती रात लगभग 12 बजे प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के उपरांत लगातार उसे उल्टियां हो रही थी, वहीं रात्रि कालीन ड्यूटी में तैनात डॉक्टर के द्वारा गर्भवती की सुध नहीं ली गई। स्टाफ नसों के भरोसे छोड़ दिया गया।
मौत होने के 3 घंटे बीत जाने के बाद भी शव वाहन की व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन के द्वारा नहीं कराई गई, जिसे लेकर प्रसूता के परिजनों में आक्रोश था। मीडिया कर्मियों के हस्तक्षेप के बाद तहसीलदार सुभाष शुक्ला के द्वारा वाहन व्यवस्था के माध्यम से शव को भिजवाया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सिसोदिया से रात्रि कालीन ड्यूटी में तैनात डॉक्टर की लापरवाही व नवजात के शव ले जाने शव वाहन उपलब्ध नहीं होने के सवाल पर उन्होंने जांच कर उचित कार्रवाई की बात कही, साथ ही लखनपुर अस्पताल में डॉक्टर और नर्स की लापरवाही से 7 वर्षीय बालिका की मौत के मामले के सवाल पर जांच कर उचित कार्रवाई की बात कही गई। साथ ही आरएमए विनोद भार्गव के द्वारा 7 वर्षीय बालिका का उपचार करने के सवाल पर उनके द्वारा कहा गया कि आरएमए उपचार नहीं कर सकते हैं। अगर बच्ची का आरएमए के द्वारा उपचार किया गया होगा तो कार्रवाई की जाएगी।


