सरगुजा
परिजनों का आरोप-इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद हुई मौत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लखनपुर, 25 मार्च। सरगुजा जिला के लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 7 वर्षीय बालिका की मौत हो गई। परिजन बालिका को बुखार व पेट दर्द की शिकायत होने के बाद लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था।
बालिका के पिता का आरोप है कि वह अपनी बच्ची को भर्ती कराने के बाद चिकित्सक व नर्स से बोला था कि बुखार के कारण उसकी बेटी कुछ खाई नहीं है, जिसके बाद वहां की एक नर्स ने उसे इंजेक्शन लगाया और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद माता-पिता बिलख उठे। उन्होंने बच्ची की लाश को ले जाने शव वाहन की मांग की तो चिकित्सक ने कहा कि यहां शव वाहन की व्यवस्था नहीं है, अपनी व्यवस्था से शव ले जाओ, जिसके बाद बालिका के माता पिता रोते-रोते अपनी बेटी के शव को सीने में लिपटा पैदल ही चले गए।
अमदला निवासी ईश्वर दास ने बताया कि मेरी बेटी सुरेखा (7 वर्ष) को 2 दिनों से बुखार आ रहा था, बीती रात पेट में दर्द हो रहा था। आज सुबह 7 बजे लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्स के द्वारा इंजेक्शन लगाया गया, मेरे द्वारा बोला गया कि बच्ची ने कुछ नहीं खाया है, इलाज के उपरांत कुछ देर बाद बच्ची की नाक से खून निकला और मौत हो गई।
पिता ने बेटी की लाश को ले जाने के लिए शव वाहन के लिए डॉक्टर से बोला तो डॉक्टर ने बताया कि लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शव वाहन की व्यवस्था नहीं है। आप अपने व्यवस्था से ले जाए, तब पिता रोते बिलखते बेटी की लाश को सीने में लिपटा कर पैदल चल पड़ा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीज ने कहा कि लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर निजी क्लिनिक में मरीज देखने में व्यस्त रहते हैं, अस्पताल को त्रिवर्षीय मेडिकल सहायक डॉक्टर के भरोसे छोड़ दिया जाता है, लगातार मरीजों की मौत होने से लोगों में आक्रोश है।
इस संबंध में बीएमओ डॉ. पीएस मार्को ने बताया कि बच्ची में ऑक्सीजन की कमी थी, 15 दिन से बुखार था। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्टाफ द्वारा इंजेक्शन लगाया गया था, जिसके बाद भी उसकी तबियत में सुधार नहीं हुआ और बच्ची की मौत हो गई। लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में वेंटिलेटर एवं शव वाहन की कमी है, जिस वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है।


