सरगुजा

सीसीटीवी का डीवीआर पुलिस ने नहीं किया जब्त, जांच अधिकारी को आयोग करेगा तलब-भानु प्रताप
24-Mar-2022 7:53 PM
सीसीटीवी का डीवीआर पुलिस ने नहीं किया जब्त, जांच अधिकारी को आयोग करेगा तलब-भानु प्रताप

मृतक के परिजन व ग्रामवासियों से मिलकर आयोग के अध्यक्ष ने दर्ज कराया बयान

कहा- पहाड़ी कोरवा की जमीन से पत्थर उत्खनन होना जांच का विषय

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 24 मार्च।
बलरामपुर रामानुजगंज जिला के बरियों स्थित महामाया क्रशर में एक आदिवासी युवक की संदेहास्पद मौत के मामले में अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह एवं उनकी टीम ने मामले को संज्ञान में लेने के बाद 23 मार्च को मृतक के परिजन, ग्रामवासियों से मिलकर उनका बयान दर्ज करवाया, साथ ही उन्होंने घटनास्थल पर पहुंच वस्तुस्थिति से अवगत हुए।

उक्त मामले को लेकर 24 मार्च को अंबिकापुर नगर के सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान आयोग के अध्यक्ष भानु प्रताप ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया पूरी तरह संदेहास्पद है, युवक आधी रात को अपने घर से कैसे क्रशर तक पहुंचा और फिर उसकी कई टुकड़ों में लाश मिली। इसके बाद पुलिस ने क्रशर में लगे सीसीटीवी के डीवीआर को भी जब्त नहीं किया, जिससे मामला पूरी तरह संदेहास्पद है।

आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि संबंधित जांच अधिकारी को नोटिस भेजकर आयोग तलब करेगा और पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट सरकार को देगा। श्री सिंह ने बताया कि पुलिस की जांच रिपोर्ट में डीवीआर देखा गया लिखा गया है, पर कैसे देखा गया और इसकी जब्ती क्यों नहीं की गई, यह संदेहास्पद है।

आयोग के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जमीन कोरवा जाति की है, वहां से कैसे पत्थर का उत्खनन हो रहा है, यह जांच का विषय है। इसके लिए वह कलेक्टर व खनिज विभाग के अधिकारी को इसकी जांच करने पत्र लिखेंगे।

उन्होंने कहा कि सबसे अधिक चिंता इस विषय यह है कि क्रशर से वहां काफी प्रदूषण हो रहा है आसपास के घरों में डस्ट भरा है, गांव वालों की फसल बर्बाद हो रही है। ग्रामीणों की शिकायत पर किसी ने इस मामले को संज्ञान में नहीं लिया।

भानुप्रताप सिंह ने बताया कि बरियों क्रशर में दो साल पहले मिली लाश डीएनए टेस्ट में वहीं के शिवनारायण की निकली थी, लेकिन पुलिस ने अब तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं की है। परिजन ने क्रशर संचालक पर जमीन नहीं देने पर हत्या का आरोप लगाते हुए अनुसूचित जनजाति आयोग से कार्रवाई की मांग की थी।

भानुप्रताप सिंह ने कहा कि परिजन का कहना है कि राजपुर के विनोद अग्रवाल का बरियों में क्रशर संचालित है। क्रेशर के बगल में उनकी करीब दो एकड़ जमीन है, जिससे निकलने वाली धूल से उनकी फसल बर्बाद हो जाती है। शिवनारायण ने इसका विरोध किया तो क्रशर मालिक जमीन देने दबाव बनाने लगा। शिवनारायण को कहा गया कि जमीन नहीं दिए तो इसी क्रशर में डालकर पिसवा देंगे और कुछ दिनों बाद इसी तरह से उसकी लाश जून 2020 में क्रेशर में पाई गई है।

अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने बताया कि शिवनारायण के अलावा उसकी मां और बेटी का डीएनए टेस्ट कराया गया था, जिससे उसकी पहचान हो पाई। पुलिस ने घटना के बाद शव मिलने पर पहचान नहीं होने का हवाला देते हुए अंतिम संस्कार कर दिया था। रिपोर्ट आने के बाद परिजन द्वारा सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार रस्म पूरा किया था।

अध्यक्ष ने कहा कि घटना की जांच रिपोर्ट सरकार को सौपेंगे
अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने कहा कि मामले की जांच कर रिपोर्ट सरकार को सौपेंगे और पीडि़त परिवार को न्याय दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पीडि़त परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। इस दौरान छस्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य अमृत टोप्पो,चीकू सिंह,अंबिकापुर कांग्रेस ब्लाक उपाध्यक्ष शिवेश सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।

क्रशर संचालक ने कहा- कई बार हो चुकी है जाँच
क्रशर संचालक विनोद अग्रवाल ने कहा कि मामले की कई बार जांच हो चुकी है, एसआईटी तक का गठन हुआ, कई टीआई बदल चुके जांच में कुछ नहीं निकला। मामले में कुछ बचा नहीं है, कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए ब्लैकमेलिंग कर परिवार को उकसा कर शिकायत करवा रहे हैं।


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