सरगुजा

प्रेमी संग पत्नी ने की थी हत्या, पहचान छुपाने लाश के कई टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंके थे, दोनों बंदी
14-Mar-2022 8:11 PM
प्रेमी संग पत्नी ने की थी हत्या, पहचान छुपाने लाश के कई टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंके थे, दोनों बंदी

   सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज व गुम इंसान खंगाले गये, 9 माह बाद अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 14 मार्च।
कोतवाली थाना क्षेत्र के गर्दन पाठ में बोरे के अंदर मिली सिर और पैर कटी लाश के मामले में 9 माह बाद आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले में एक महिला और एक पुरुष को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अवैध संबंध में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। हालांकि पुलिस को उक्त युवक की गर्दन तो नहीं मिली परंतु पुलिस ने उसका पैर बरामद कर लिया है। पुलिस बरामद हुए पैर के टुकड़े की डीएनए टेस्ट कराएगी।

सरगुजा पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम कांबले ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 20 जून 2021 को बधियाचुआं पूर्व सरपंच विश्राम कुजूर ने थाना आकर बताया कि इसी के गांव के सुरजन अपने अन्य साथियों के साथ गर्दन पाठ मंदिर के तालाब का छटका (बांध) में मछली बहने से रोकने के लिये जाली बांधने गया था, तालाब से निकलकर बहने वाले नाले में झाडिय़ों के नीचे दो जूट के बोरे में कोई समान भरा होना एवं अत्यधिक तीव्र सडऩयुक्त गंध आना की जानकारी दी।

कोतवाली पुलिस द्वारा ग्रामीणों की सहायता से दोनों जूट के बोरों को निकलवाकर खोलकर देखा गया, जिसमें एक अज्ञात पुरुष का शव पाया गया।

बोरे से शव को निकालकर देखने पर पता चला कि बोरे में दोनों हाथ, दोनों जांघ के टुकड़े पड़े हुए हैं तथा घुटने से नीचे दोनों पैर व गर्दन के ऊपर सिर गायब है। शव की पहचान योग्य कोई भी वस्तु या साक्ष्य आसपास मौजूद होना नहीं पाया गया। शव की शिनाख्त करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी।

अज्ञात मृतक की शिनाख्तगी एवं अज्ञात आरोपी की पता तलाश हेतु सरगुजा रेंज पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव, सरगुजा पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम कांबले द्वारा अपने मार्गदर्शन में अति पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में एक टीम गठित किया गया। जिस पर टीम द्वारा अज्ञात शव की शिनाख्त हेतु आसपास के क्षेत्रों में पता-तलाश किया गया।

इसी दौरान विशेष टीम को यह पता चला कि जनपद पारा अम्बिकापुर का रहने वाला राजेश जायसवाल 3-4 महिनों से गायब है तथा उसके संबंध में कोई गुमशुदगी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं है। उक्त संबंध में राजेश जायसवाल की बहन ललीता जायसवाल पति देवकांत दुबे (35) अम्बिकापुर  से पूछताछ की गई। जिसके बाद ललीता जायसवाल द्वारा कोतवाली पहुंचकर इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि उसका भाई राजेश जायसवाल पिता मनकु जायसवाल उम्र 32 वर्ष निवासी लापता है।

जांच करने के पश्चात पुलिस को यह पता चला कि राजेश जायसवाल एक ऑटो चालक था तथा उसकी शादी सुनीता जायसवाल से वर्ष 2007 में हुई थी। सुनीता के बारे में हर तथ्य के जांच उपरांत पता चला कि पति पत्नी के बीच में अक्सर अनबन व विवाद होता रहता था।

 इस जानकारी को आधार बनाकर पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सरगुजा पुलिस को यह शंका हुई कि अज्ञात शव राजेश जायसवाल का हो सकता है, लेकिन इस शंका को और पुख्ता करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में उक्त शव तथा राजेश जायसवाल की बेटी का डीएनए सेंपल लेकर जांच हेतु एफएसएल रायपुर भेजा गया। डीएनए रिपोर्ट आने तक संदेही सुनीता जायसवाल तथा बैजनाथ जायसवाल पर निगरानी रखा गया था।

डीएनए रिपोर्ट आने पर सरगुजा पुलिस के हाथ शव के शिनाख्त में पहली सफलता प्राप्त हुई। यह ज्ञात हुआ कि अज्ञात शव राजेश जायसवाल का है। डीएनए रिपोर्ट प्राप्त होने पर अधिकारियों के निर्देशन में संदेही बैजनाथ जायसवाल एवं सुनीता जायसवाल से पूछताछ की गई।

संदेहियों ने बताया कि सुनीता एवं बैजनाथ के बीच में लगभग एक वर्ष से अवैध संबंध था, जिसको लेकर राजेश जायसवाल तथा उसकी पत्नी सुनीता के बीच विवाद होता था। 31 मार्च 2021 की शाम राजेश तथा सुनीता के बीच राजेश के जनपदपारा स्थित किराये के मकान में ही विवाद हो रहा था। उसी दौरान बैजनाथ जायसवाल भी राजेश के घर पहुंचा तथा बैजनाथ के द्वारा राजेश के सिर पर लोहे के रॉड से वार किया गया, जिसमें राजेश की मृत्यु हो गयी।

 घटना के बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से राजेश की पत्नी सुनीता तथा बैजनाथ द्वारा चाकू छेनी का प्रयोग कर उसके शव के टुकड़े किये गये, जिसे अलग-अलग प्लास्टिक तथा बोरियों में भरकर गर्दन पाठ में स्कूटी से जाकर फेंका गया। सिर तथा पैर से राजेश की पहचान हो जाएगी, यह सोचकर उसे शव के साथ न फेंक कर सिर को शंकरघाट नदी में तथा घुटने से नीचे पैर को बौरीबांध तालाब में फेंक दिया गया।

 आरोपी बैजनाथ तथा सुनीता के निशानदेही पर पुलिस के द्वारा बौरीबांध तालाब से मृतक राजेश के घुटने के नीचे के दोनों पैर प्लास्टिक तथा बोरी में बंधा हुआ बरामद किया गया।

1 दिन रखा घर में शव
हत्या करने के बाद महिला और उसका प्रेमी 1 दिन तक शव को घर पर ही रखें और सोची समझी साजिश के तहत दूसरे दिन उसके टुकड़े करके दिन में 11 बजे स्कूटी से गर्दन को शंकर घाट वह पैर को बौरीपारा तलाव में फेंक कर आ गए थे। पुलिस ने बताया कि उक्त मृतक का सिर तो बरामद नहीं किया जा सका है परंतु पैर बरामद कर लिया गया है उसका भी सैंपल डीएनए के लिए भेजा जाएगा।

पुलिस कर्मियों को इनाम
एसपी ने बताया कि मृतक राजेश जयसवाल और उसकी पत्नी सुनीता जयसवाल के तीन बच्चे हैं। जिसमें दो लोग मानसिक रूप से दिव्यांग है। तीनों को चाइल्ड लाइन भेजा जाएगा। वर्तमान में आरोपी सुनीता जायसवाल की गोद में 1 माह का बच्चा है, जिसे उसके पास ही रहने दिया जाएगा। इस बड़े हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में सक्रिय पुलिस कर्मियों को एसपी ने अपनी तरफ से 5000 का इनाम दिए जाने की बात कही।

उक्त मामले के निराकरण में निरीक्षक राहुल तिवारी, उप निरी डाकेश्वर सिंह, प्रमोद पाण्डेय, सउनि भुपेश सिंह, अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, बाल मुकुन्द सिंह, आरक्षक जयदीप सिंह, विकास सिंह, राकेश शर्मा, राहुल सिंह संजीव चौबे कुन्दन सिंह, लालमुवन सिंह, शिव राजवाडे सक्रिय रहे।

झारखंड, उत्तरप्रदेश तक खंगाला गुम इंसान
सरगुजा पुलिस के लिए चुनौती बने इस मर्डर कांड को लेकर पुलिस सिर्फ संभाग भर ही नहीं बल्कि झारखंड और उत्तर प्रदेश तक के गुम इंसान को खंगाली। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए, परंतु जहां पुलिस को युवक का कटा हुआ शरीर मिला था, वहां आस पास कोई सीसीटीवी फुटेज भी नहीं था। जिससे पुलिस की मुश्किलें और बढ़ चुकी थी।


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