सरगुजा

नशामुक्ति आध्यात्मिक रथ शहर व गांव में नशामुक्ति का देगा संदेश-एसपी
28-Feb-2022 8:52 PM
नशामुक्ति आध्यात्मिक रथ शहर व गांव में नशामुक्ति का देगा संदेश-एसपी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 28 फरवरी।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय नव विश्व भवन चोपड़ापारा अम्बिकापुर के प्रागंण में ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी के नेतृत्व में एवं पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम काम्बले के मार्गदर्शन में नशा मुक्ति अभियान नवा बिहान के लिये विशेष एक नशा मुक्ति आध्यात्मिक रथ बनाया गया, जिसका उद्घाटन पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम काम्बले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अम्बिकापुर विवेक शुक्ला, अम्बिकापुर केन्द्रीय जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़, यातायात प्रभारी जयराम चरमाको, स्वामी तन्मयानन्द जी, अनिल कुमार मिश्रा, सरगुजा संभाग की सेवाकेन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी एवं नवा बिहान का ग्रुप और ब्रह्माकुमारी बहनों के कर कमलों द्वारा द्वीप प्रज्जवलित कर, ब्रह्माकुमारी बहन के सिर पर कलश रखकर एवं शिव पिता का झण्डा दिखाकर किया गया।

इस अवसर पर एस.पी. अमित तुकाराम काम्बले ने कहा कि यह नशा मुक्ति आध्यात्मिक रथ सरगुजा संभाग के शहर- शहर, गाँव- गाँव के कोने- कोने में जाकर शहरवासियों को नशा से मुक्ति देने का संदेश देगा। यदि एक भी व्यक्ति नशा को छोड़ देंगे तो यह प्रयास सफल होगा। और उन्होंने कहा कि यहाँ आने के बाद आत्म चिंतन करने से मन को शांति मिलती हैं इसे प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिये। इससे मन शांत होता हैं खुश होता हैं, इसी से ही नशा मुक्त शहर बनेगा।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने नशा मुक्ति के क्षेत्र में हम जो काम कर रहे हैं इस कार्य को हम सभी को मिलकर करना चाहिये ताकि नशा मुक्त शहर बनाने में सफलता प्राप्त हो। हम लोगों को अच्छाई और बुराई का ज्ञान हैं इसलिये हम लोगों को श्रेष्ठ कर्म करने पर ध्यान देना चाहिये।

कर्मप्रधान कर्म करने से देश व विश्व को श्रेष्ठ बनाने में अपना अमूल्य योगदान दे पायेंगे। आध्यात्मिक ज्ञान को आत्मसात करेंगें तो निश्चित रूप से एक अच्छा इंसान बनेंगे और एक अच्छा इंसान बनने से एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण करेंगे।

इस दौरान 75 वें आजादी के अमृत महोत्सव के तत्वाधान में सर्व धर्म समागम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अतिथियों को शॉल , बैज, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विद्या दीदी अपने दिव्य उद्बोधन में सभी संतों का सम्मान करते हुये कहा कि महान आत्माओं एवं धर्म पिताओं ने हमें आध्यात्मिक ज्ञान दे सतमार्ग पर चलना सिखाया। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द का उदाहरण देते हुये बताया कि धर्म के मान सम्मान का रक्षा करने के लिये उनको लोगों का अपमान सहन करना पडा लेकिन उन्होंने अपने असीम साहस और धैर्यता के बल से धर्म का सम्मान बढ़ाया। इस प्रकार सभी संतों ने श्रेष्ठ राष्ट्र के निर्माण के लिये ज्ञान दिया, लेकिन धीरे- धीरे जैसे लोगों में देहभान आने लगा तो वो अपने स्वधर्म को भूल गये। जिसके कारण विकारों की प्रवेशता हुई तो आपस में ही युद्ध शुरू हो गया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी ममता बहन ने किया।


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