सरगुजा
दोषी अफसरों पर कार्रवाई नहीं होने पर जताई नाराजगी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,15 फरवरी। पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोगों को मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं मिलेट रिज़्यूनिवेशन के तहत किसानों को बीज वितरण की जांच और कार्रवाई की मांग कांग्रेस ने की है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता और कांग्रेस पंचायत प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के समक्ष शासकीय धन के बंदरबाट और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जतायी।
पंचायती राज प्रतिनिधियों ने कहा कि पहाड़ी कोरवाओं ड्राइविंग सिखाने के नाम पर 10 लाख रुपये की हेराफेरी की शिकायत पर अक्टूबर में जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह की शिकायत पर जांच टीम का गठन किया गया था। आज तक जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट नहीं दी है। प्रशिक्षण हेतु एजेंसी का निर्धारण तय मापदंड के अनुरूप नहीं किया गया है। प्रशिक्षण एजेंसी द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र की वैधानिकता भी सवालों के घेरे में है। मिलेट रिज़्यूनिवेशनके तहत अधिसूचित क्षेत्रों में किसानों को मक्का एवं आदान बीजों के वितरण में अनियमितता का मामला जन प्रतिनिधियों ने उठाया।
उन्होंने नरवा,गरवा,घुरवा, बाड़ी अवधारणा के तहत सरगुजा जिले के सभी सातों जनपद क्षेत्रों में कृषि किट वितरण की जांच की मांग की है। उन्होंने मैनपाठ, बतौली और सीतापुर जनपद में हितग्राही किसानों के चयन की राशि विवादित एनजीओ को दिए जाने की जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने अम्बिकापुर- सीतापुर और अम्बिकापुर-शिवनगर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में हो रहे विलंब पर नाराजगी व्यक्त करते हुए समयबद्ध निर्माण पर जोर दिया।
प्रतिनिधिमंडल में पीसीसी सदस्य शैलेश सिंह, जिपं सदस्य राजनाथ सिंह, प्रदेश सचिव शैलेन्द्र प्रताप सिंह, सरला सिंह सभापति जिपं, जिपं सदस्य अर्पिता सिंह देव, जनपद उपाध्यक्ष अमित सिंह देव,वीरभद्र सिंह, जिपं सभापति अनिमा केरकेटा शामिल थे।
कड़ी कार्रवाई से तोड़े भू माफियाओं के मनोबल
ग्राम पंचायत डीगमा में भू माफियाओं और राजस्व विभाग के अधिकारियों की साठगांठ से माखन (50 वर्ष) की 35 डिसमिल जमीन अपने नाम करा लेने और थाने में शिकायत करने पर शराब में जहर देकर उसकी हत्या के मामले में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कड़ा रुख दिखाया है। कल पुलिस अधीक्षक को दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिया था। आज जिला कांग्रेस की टीम स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री के निर्देश पर कलेक्टर से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रकरण में दोषियों पर ऐसी कार्रवाई हो, जिससे भू माफियाओं और उसने पोषक अधिकारी कर्मचारी आगे से ऐसी हिम्मत न कर सके। जिले में जहां कहीं भी राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से भू माफिया सक्रिय हैं उन पर कर्यवाही सुनिश्चित होना प्रशासन की जिम्मदारी है।


