सरगुजा
टोकन के लिए लगा रहे चक्कर, अधिक तौल का आरोप भी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लखनपुर,11 जनवरी। मंगलवार को अमेरा उपार्जन केंद्र में धान खरीदी प्रभावित रही। किसानों का आरोप है कि दर्जनों की संख्या में अमेरा उपार्जन केंद्र धान बेचने पहुंचे किसानों के धान को बारिश का बहाना बनाकर नहीं खरीदा गया। जिससे हजारों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। साथ ही सलका व अन्य गांवों के छोटे किसानों को टोकन कटाने के लिए उपार्जन केंद्र का चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं खुले आसमान के नीचे रखा कई क्विंटल धान बेमौसम बारिश से भीग चुका है।
धान बेचने आए किसानों ने अमेरा उपार्जन केंद्र प्रभारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिक तौल में धान खरीदा जा रहा है। किसानों के द्वारा बताया गया कि सुतली बोरा में 41 किलो 100 ग्राम प्लास्टिक बोरा में 40 किलो 600 ग्राम तौल कर धान खरीदा जा रहा है। जबकि शासन के द्वारा तौल निर्धारित किया गया है। प्लास्टिक के बोरे में 40 किलो 300 व सुतली बोरे में 40 किलो 700 ग्राम तौल कर धान खरीदी करना है, परंतु शासन द्वारा बनाए गए नियमों का पालन उपार्जन केंद्र में होता नहीं दिख रहा है,जिससे क्षेत्र के किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है और अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में अमेरा उपार्जन केंद्र प्रभारी संजय कुमार रजवाड़े से चर्चा करने पर उनके द्वारा कहा गया कि बारिश का मौसम होने की वजह से किसानों से धान नहीं खरीदा गया और किसानों के द्वारा अधिक तौल का आरोप लगाया गया है, यह सरासर गलत है। शासन द्वारा निर्धारित तौल के हिसाब से धान खरीदी की जा रही है।


