सरगुजा

हाथी दल सडक़ पर, रामचंद्रपुर-सनावल मार्ग 12 घंटे रहा बंद, घरों को कराया खाली
05-Jan-2022 7:55 PM
हाथी दल सडक़ पर, रामचंद्रपुर-सनावल मार्ग 12 घंटे रहा बंद, घरों को कराया खाली

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज, 5 जनवरी।
झारखंड से वापस लौटे 12 हाथियों के दल के लुर्गी-रामचंद्रपुर मार्ग पर आ जाने से लुर्गी रामचंद्रपुर मार्ग करीब 12 घंटे बंद रहा, वहीं अभी भी हाथी कनकपुर जंगल में डेरा जमाए हैं।  जिससे ग्रामवासियों में दहशत है।

देर रात तक डीएफओ लक्ष्मण सिंह एवं रेंजर संतोष पांडे सहित वनअमला कनकपुर लुर्गी क्षेत्र में डटा रहा एवं लोगों को आवश्यक समझाइश देते रहे।

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व लुर्गी में दो हाथियों ने 7 घरों को नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद हाथी झारखंड की ओर चले गए थे, परंतु मंगलवार की सुबह 3 बजे के करीब पुन: 12 हाथियों का दल लुर्गी कनकपुर क्षेत्र में आया, जिसके बाद हाथी लुर्गी रामचंद्रपुर मुख्य सडक़ पर आ गए थे।

इसकी सूचना डीएफओ लक्ष्मण सिंह को मिली तो तत्काल उनके निर्देश पर लुर्गी-रामचंद्रपुर मार्ग को बंद कर दिया गया एवं रामचंद्रपुर मार्ग पर वन विभाग की टीम एवं पुलिस विभाग की टीम के द्वारा बेरीकेट्स लगाकर रास्ता रोक दिया। सुबह 11 से लेकर रात 8 बजे तक लुर्गी रामचंद्रपुर मार्ग बंद रहा। जब हाथी जंगल की ओर चले गए, उसके बाद ही रास्ता को खोला गया। अभी भी हाथी कनकपुर जंगल में है।

वन विभाग के द्वारा ग्रामवासियों को आश्रम एवं कनकपुर पंचायत भवन में शिफ्ट किया गया, जिसका जायजा लेने कांग्रेसी नेता डॉ. दिनेश यादव भी पहुंचे। उन्होंने वन विभाग की व्यवस्था देखकर संतुष्टि जाहीर की एवं वन विभाग के कार्यों की प्रशंसा की।

300 लोगों के लिए पंचायत भवन एवं आश्रम में की गई व्यवस्था
वन विभाग के द्वारा कनकपुर और लुर्गी जंगल की ओर रहने वाले घरों को खाली करा लिया गया था। सभी लोगों को रात में लुर्गी आश्रम एवं पंचायत भवन कनकपुर में रखा गया, जहां खाने-पीने एवं रुकने की व्यवस्था वन विभाग के द्वारा की गई। इसका जायजा लेने डीएफओ लक्ष्मण सिंह भी पहुंचे।डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने बताया कि 12 हाथियों के दल ने अभी तक किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं किया है। ग्रामवासियों का भी अपेक्षित सहयोग मिल रहा है। जिस प्रकार से हम लोगों के द्वारा दिशा निर्देश दिया जा रहा है, उसका पालन किया जा रहा है। कनकपुर में मामूली सरसों के खेत को नुकसान पहुंचाया गया है। वन विभाग की टीम सतत निगरानी कर रही है।


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