सरगुजा

प्रभारी प्राचार्य डॉ. सोनवानी का निलंबन आदेश शून्य घोषित
11-Dec-2021 8:06 PM
प्रभारी प्राचार्य डॉ. सोनवानी का निलंबन आदेश शून्य घोषित

 

निलंबन को लेकर विधायक बृहस्पत ने जताई थी नाराजगी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज,11 दिसंबर।
बलरामपुर रामानुजगंज जिले के शासकीय लरंगसाय अग्रणी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. आर बी सोनवानी का निलंबन आदेश विधायक बृहस्पत सिंह की नाराजगी के बाद छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव के द्वारा शून्यवत घोषित कर दिया। जिसके बाद पुन: अपने पद पर डॉ. आर बी सोनवानी बने रहेंगे।

गौरतलब है कि महाविद्यालय की छात्रा के द्वारा प्रभारी प्राचार्य डॉ. आर बी सोनवानी के द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप के बाद लगातार प्राचार्य का विरोध छात्र-छात्राओं के द्वारा किया जा रहा था। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा कई बार प्रभारी प्राचार्य को हटाए जाने एवं कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन भी किए, वहीं प्रभारी प्राचार्य के पक्ष में भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा आंदोलन किया गया, जिसके कारण महाविद्यालय में राजनीतिक पारा गरम हो गया था। इस बीच महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया था। जिसके बाद महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य के पक्ष में लामबंद हो गए थे। लगातार निलंबन वापस किए जाने की मांग की जा रही थी।

इस बीच प्रभारी प्राचार्य के निलंबन को लेकर स्थानीय विधायक बृहस्पत सिंह के द्वारा खुलकर नाराजगी व्यक्त की गई थी। उनके द्वारा इस प्रकार के निलंबन की कार्रवाई को महाविद्यालय के हित में न बता कर महाविद्यालय के विकास को बाधित करने वाला बताया था। जिसके बाद से ही कयास लगाये जा रहे थे कि महाविद्यालय के प्राचार्य का निलंबन वापस होगा।

डॉ.आर बी सोनवानी प्राध्यापक रसायन शास्त्र एवं प्रभारी प्राचार्य के निलंबन आदेश को शून्य घोषित छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर अवर सचिव के द्वारा कर दिया गया।

पढ़ाई हो रही थी बाधित
जिस प्रकार से महाविद्यालय में राजनीति चल रही थी, उससे लगातार पढ़ाई बाधित हो रही थी। यहां के महाविद्यालय में दूरदराज क्षेत्र से ग्रामीण अंचलों के छात्र-छात्राएं भी पढऩे आते हैं, ऐसे में बार-बार आंदोलन होने से पढ़ाई बाधित हो रही थी जिससे नियमित अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राएं मायूस एवं निराश थे।


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