सरगुजा
शाखा प्रबंधक की जांच में सामने आए तथ्य
अम्बिकापुर,9 दिसम्बर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा लखनपुर से सम्बद्ध समिति चांदो में फर्जी ऋण वितरण के मामले में शाखा लखनपुर के लेखापाल के के तिवारी और चांदो समिति प्रबंधक सुमित वर्मा की गड़बड़ी जांच में पाई गई।
प्रकरण को संज्ञान में लेकर कलेक्टर संजीव कुमार झा के द्वारा बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए थे, जिसके परिपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा मामले की जांच की जिम्मेदारी लखनपुर शाखा प्रबंधक को दी गई।जांच अधिकारी शाखा प्रबंधक सुनील चतुर्वेदी द्वारा समिति चांदो एवं शाखा लखनपुर में उपस्थित होकर शिकायत से संबंधित व्यक्तियों एवं साक्ष्यों की जांच की गई।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार सतपाल, मंगल साय, परमेश्वर राम एवं कैलाश राम जो कि समिति में आकर समय-समय पर कार्य पडऩे पर हमाली का कार्य करते है। इनमें से परमेश्वर को छोडक़र उक्त तीनों व्यक्तियों के नाम कोई भूमि नहीं है अर्थात भूमिहीन हैं। भूमिहीन होने के बावजूद सतपाल, मंगल साय और कैलाश राम को अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदाय किया गया है।
समिति एवं शाखा की अभिलेखों की जांच में स्पष्ट हुआ है कि ऋण वितरण का स्वरूप देकर स्पष्ट तौर पर राशि का गबन समिति प्रबन्धक सुमित वर्मा एव लेखापाल के के तिवारी द्वारा किया गया है। समिति प्रबंधक द्वारा कूट रचना के प्रकरण तैयार किया और बिना सोचे समझे उक्त नियम को ताक में रखकर के के तिवारी ने आवेदन स्वीकृत कर ऋण वितरण करा कर संस्था को धोखा दिया। बाद में यह ऋण राशि लेकर ऋण मुक्ति योजना में शामिल कर राशि शासन से प्राप्त की गई है।
जांच प्रतिवेदन में उल्लेख है कि चांदो समिति ने सतपाल को 1 लाख 25 हजार का ऋण वितरण बताया गया है जो कि सतपाल के नाम पर ऋण आवेदन में भूमि का विवरण गलत एवं झूठा है। मंगल साय को 1 लाख 15 हजार ऋण वितरण बताया गया है जो कि अभिलेख में सही है, लेकिन मंगल साय के नाम पर कोई भूमि नहीं है। कैलाश राम को 98 हजार रुपए समिति द्वारा वितरण करना बताया गया है । कैलाश राम धान खरीदी सीजन में धान खरीदी के दौरान मजदूरी का काम करता है। उसके पास कृषि योग्य भूमि नही है। ग्राम चांदो निवासी परमेश्वर में नाम पर 2.146 हेक्टेयर भूमि की नकल पाई गई। परमेश्वर के द्वारा समिति से 1 लाख 12 हजार नकद ऋण लेना स्वीकार किया है।


