सरगुजा

बच्चों एवं महिलाओं के सुव्यवस्थित उपचार के लिए पुराने भवन का हो रहा जीर्णोद्धार
22-Nov-2021 8:40 PM
बच्चों एवं महिलाओं के सुव्यवस्थित उपचार के लिए पुराने भवन का हो रहा जीर्णोद्धार

 

स्वास्थ्य मंत्री की पहल पर हमर लैब के लिए 80 लाख का प्रावधान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,22 नवम्बर।
मेडिकल कॉलेज सह जिला हॉस्पिटल अंतर्गत मदर एंड चाईल्ड केयर यूनिट में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव की पहल एवं निर्देशन में एमसीएच बिल्डिंग के पीछे के हिस्से में स्थित पुरानी बिल्डिंग का जीर्णोद्धार तेजी से किया जा रहा है, जहां पर बच्चों एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग वार्ड बनाये जा रहे हैं, साथ ही बच्चों के लिए आईसीयू एवं परिजनों के लिए भी रुकने की व्यवस्था पर कार्य किया जा रहा है, इसके साथ-साथ नकीपुरिया वार्ड से लगा हुआ नया अलग-अलग विभागों का 10 ओपीडी वार्ड तैयार होगा, जिससे पंजीयन से लेकर सैपल कलेक्शन, आयुष्मान कार्ड सेवा सहित दवा वितरण तक की पूरी व्यवस्था होगी, इस पूरे नये कार्य के जनवरी तक पूर्ण होने की संभावना है, जिसके बाद महिलाओं एवं बच्चों के इलाज की पूरी व्यवस्था एक ओर हो जायेगी, और बेड एवं वार्ड के बढऩे से 100 बेड की क्षमता वाले एमसीएच वार्ड के अतिरिक्त 100 बेड की और व्यवस्था मेडिकल कॉलेज सह जिला चिकित्सालय को मिल जायेगी, जिससे बेड की कमी एवं भीड़ को कम करने में सहूलियत मिलेगी।

रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरपर्सन आदित्येश्वर शरण सिंह देव के मार्गदर्शन में एमसीएच के प्रभारी एवं चाईल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. रेलवानी, हॉस्पिटल के कंसल्टेंट डॉ. अमीन फिरदौसी, सीजीएमएससी के इंजीनियर, एसडीओ एवं मेडिकल कॉलेज प्रबन्धन के साथ मिलकर आपसी समन्वय से चिकित्सकों की जरूरत के अनुसार एवं एमसीआई के मापदंड के अनुसार स्थल का निरीक्षण कर ड्राइंग-डिज़ाइन तैयार कर पूरी कार्यवाही की जा रही है।

 नये निर्माण कार्य की आवश्यकता अनुरूप निर्माण एवं डिज़ाइन हेतु सीजीएमएससी के अधिकारियों चाईल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. रेलवानी, डॉ. अमीन फिरदौसी, संगवारी के डॉ. योगेश जैन के साथ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरपर्सन आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कार्य की गुणवत्ता, ड्राइंग डिज़ाइन के अनुसार निर्माण एवं आगामी समय में जरूरत के हिसाब से अन्य निर्माण हेतु स्थलों का निरीक्षण किया। इस पूरे कार्य की लागत लगभग 5 करोड़ रुपये बतायी गई है।

श्री सिंहदेव के निर्देश पर इसके अतिरिक्त हमर लैब के लिए भी 80 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे जिला हॉस्पिटल में हमर लैब का निर्माण होगा, जहां पर जिले भर से सैंपल आएंगे और जांच के बाद रिपोर्ट ऑनलाईन भेजा जायेगा। इस लैब में आम आदमी के जरूरी स्वाथ्य से संबंधित समस्त जांच किये जायेंगे, गांव-गांव में स्थित एसएचसी, पीएचसी, सीएचसी एवं संभाग के जिला हॉस्पिटलों से सैम्पल लेकर भेजा जायेगा, जिसका जांच के बाद रिपोर्ट ऑनलाईन कर दिया जायेगा और सैम्पल भेजने वाला सेंटर वहीं पर उसे निकाल कर मरीजों को उपलब्ध करा देगा।

हमर लैब स्थापना की तैयारी भी लगभग पूर्ण कर ली गई है, जल्द ही इसके निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो जायेगी, वहीं एमआरआई की स्थापना हेतु भी टेंडर जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही लगातार मरीजों को लाने ले जाने में होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए हॉस्पिटल के दोनों ओर रोड के इस ओर से उस ओर वार्डों तक, जांच सेंटरों तक स्ट्रैचर हेतु अलग से पाथवे का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए राशि आवंटित करा दी गई है। स्ट्रैचर हेतु अलग से पाथवे बनने से मरीजों को खराब सडक़ से लगातार होने वाली समस्या से निदान मिल सकेगा। वहीं एमसीएच के पीछे बनने वाले नये वार्डों को एमसीएच बिल्डिंग के साथ हर फ्लोर से जोड़ा जा रहा है, जिससे की बच्चों और माताओं को आने जाने में कोई दिक्कत न हो।


अन्य पोस्ट