सरगुजा
अंबिकापुर, 15 नवंबर। देवउठनी एकादशी सोमवार को अबूझ मुहूर्त में मनाई गई। देवउठनी एकादशी के बाद वैवाहिक कार्यक्रम भी शुरू हो जाएंगे। नवंबर माह में 9 वैवाहिक तिथियां हैं। इसी तरह दिसंबर में सिर्फ 8 दिन ही विवाह संस्कार हो सकेंगे।
गौरतलब है कि देवउठनी एकादशी को माता तुलसी का शालिग्राम से विवाह होता है। इस अबूझ मुहूर्त में भी बड़ी संख्या में लग्न होते हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह के आयोजन ज्यादा होते हैं। ऐसे में देवउठनी एकादशी से शादियां प्रारंभ हो जाती है। नवंबर-दिसंबर में 15 दिन के शादियों के मुहूर्त में कई जोड़े शादी के बंधन में बंधेगे। देवउठनी एकादशी से शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। कम मुहूर्त होने के कारण अधिकांश स्थानों पर मैरिज गार्डन, होटल में लोगों को मनचाही तारीख की बुकिंग नहीं मिल रही है। पंडितों के पास भी मुहूर्त की सभी तारीखें बुक हो चुकी है। देवउठनी एकादशी को लेकर सोमवार को पूरे दिन बाजार में लोग पूजा की सामग्री की खरीदारी करते हुए दिखाई दिए। शाम को घर पर लोगों ने विधि विधान से पूजा की।
इस बार कोरोना का भय कम है, जिससे कारोबारी उत्साहित है। पिछले 19 महीने से मैरिज गार्डन, होटल से लेकर बैंड, ढोल, कैटरर्स, हलवाई तक का जो धंधा छप था, उसे रफ्तार मिली है। नवंबर, दिसंबर में मुहूर्त सीमित है।
ऐसे में एक ही दिन में कई शादियां होने की वजह से लोगों को बुकिंग में भी दिक्कत आ रही है। मैरिज हॉल की बुकिंग ना होने की वजह से अब कई लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।


