सरगुजा
चक्रवात के प्रभाव से सरगुजा में दिनभर होती रही बूंदाबांदी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,13 नवंबर। उत्तरी ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय चक्रवात के प्रभाव से उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा में शनिवार की सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है। बारिश से सबसे ज्यादा चिंता किसानों को है। कई किसानों ने अभी अपनी धान की फसल काटकर खेत में रखे हैं और कई खुले खलिहान में रखे हैं।

आज सुबह से हो रही बारिश ने किसानों को काफी चिंतित कर दिया है अगर ऐसे ही एक-दो दिन और बारिश होती रही तो उनकी फसल खराब होने का अंदेशा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी उत्तर छत्तीसगढ़ में दो-तीन दिनों तक मौसम ऐसे ही रहने वाला है ऐसे में इस बारिश की मार सबसे ज्यादा किसान झेलेंगे।
सरगुजा में धान की फसल पककर तैयार है। इन दिनों किसान फसल कटाई और मिसाई में लगे हुए हैं। कई किसानों की फसल अभी भी खेत में खड़ी है और कई ने अपनी फसल तो काट लिया है, लेकिन खेत से उठाव नहीं करा पाए हैं। कई बड़े किसान तो फसल कटवा धान की मिसाई तक करवा लिए है, लेकिन अभी भी अधिकांश छोटे किसानों की फसल खेत में ही पड़ी है और कुछ लोगों के खलिहान में ही पड़े हुए हैं। बारिश ने इन सभी किसानों को चिंतित कर रखा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी एक-दो दिन ऐसे ही बारिश होने की संभावना है ऐसे में किसानों की फसल बर्बाद होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

मौसम वैज्ञानिक अक्षय मोहन भट्ट ने बताया कि तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र से चले बंगाल की खाड़ी की नम हवाएं आंध्र, ओडिशा को पार करते हुए उत्तर छत्तीसगढ़ सरगुजा पहुंचा था। गुरुवार 11 नवम्बर को दिन भर ऊंचे आसमान में बादलों की उपस्थिति के साथ हल्का कुहासा ही था, परन्तु शुक्रवार को सरगुजा के आसमान पर लगातार नमीयुक्त वायु के कारण कम ऊंचाई के बादलों की आवाजाही रही थी। नमी की मात्रा के साथ बादलों का घनत्व बढ़ता हुआ आखिर शनिवार की अलसुबह बारिश हो गयी। सुबह 8.30 बजे तक अम्बिकापुर में 4.2 मिमी की अच्छी वर्षा दर्ज की गई। दूसरी ओर न्यूनतम और अधिकतम तापमान कल की तुलना में आज लगभग स्थिर रहे। अधिकतम 26.4 और न्यूनतम 14.2 सेंटीग्रेड दर्ज किया गया।
श्री भट्ट ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में अभी भी हलचल तेज है जिसके कारण एक नया न्यूनदाब क्षेत्र विकसित होने की ओर अग्रसर है। मध्य पूर्वी और दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी में आकर ले रहे न्यूनदाब क्षेत्र के 15 नवम्बर तक ताकतवर होने की संभावना है। अगर यह तूफान का रूप लेता है तो इसका नाम जवाद होना चाहिए।
आसमान में छाए रहे घने बादल, ठंड से मिली राहत
चक्रवात के असर शनिवार कि सुबह से ही अंबिकापुर सहित पूरे सरगुजा में सुबह से लेकर शाम तक हल्की बूंदाबांदी व बारिश होती रही। वहीं आसमान में घने बादल छाए रहे, जिसके कारण लोगों को ठंड से राहत मिली है। बादल छटेंगे तो फिर से ठंड में बढ़ोतरी होगी, लेकिन बताया जा रहा है कि 17-18 नवंबर को एक और नया सिस्टम बन रहा है जिसके कारण मौसम हफ्ते भर खराब रह सकता है।


