सरगुजा
'छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,1 नवम्बर। एनपीएस गो बैक, पुरानी पेंशन बहाल करो, छोड़ो टेंशन लेंगे पेंशन के गगनभेदी नारों के साथ 1 नम्बर को एनपीएस विरोध दिवस के रूप में मनाया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत, प्रांतीय संचालक संजय शर्मा के के आह्वान पर जिला सरगुजा के जिला संचालक मनोज वर्मा के नेतृत्व में बाइक रैली निकाली गई। इस दौरान भारत माता चौक अंबिकापुर से मोटरसाइकिल रैली रिंग रोड होते हुए प्रतापपुर नाका होते हुए दुर्गा मंदिर चौक अंबिकापुर से स्थानीय घड़ी चौक पर एकत्रित हुए एवं नई पेंशन के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की।
प्रांतीय सह संचालक हरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में यह स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि हमारी सरकार आती है तो छत्तीसगढ़ सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना योजना लागू करने की दिशा में पहल किया जाएगा किंतु दुखद तथ्य यह है कि आज तक इस पर इसी प्रकार की पहल नहीं की गई।
रैली को संबोधित करते हुए जिला संचालक मनोज वर्मा ने कहा कि सरकार के कर्मचारी अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 35 वर्ष सरकार को देते हैं और उसके पश्चात सेवानिवृत्त होते हैं। सेवानिवृत्ति के पश्चात आगे के जीवन यापन के लिए व उनके पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन के लिए सरकार द्वारा टेंशन देने की व्यवस्था पूर्व में थी, किंतु वर्तमान में 2004 के पश्चात यह व्यवस्था बंद हो गई है, जो अत्यंत दुखद है। सरकार को अपने कर्मचारियों के हित में संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पुरानी पेंशन योजना को छत्तीसगढ़ में अति शीघ्र लागू किए जाने की मांग की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत के नेतृत्व में पूरे देश में पुरानी पेंशन बहाली के नाम पर आंदोलन का आगाज हो चुका है। आज इसकी शुरुआत हो गई है यदि इस पर कोई सार्थक निर्णय शीघ्र नहीं हो है पाता है ऐसी स्थिति में प्रदेश एवं देश व्यापी आंदोलन होगा।
इस अवसर पर प्रांतीय संचालक हरेंद्र सिंह,जिला अध्यक्ष मनोज वर्मा,जिला महिला प्रकोष्ठ के संचालक श्रीमती कंचन लता श्रीवास्तव,काजेश घोष, नरेश पांडे,अनिल मिश्रा,संजय अम्बष्ठ,श्रीमती हिना रिजवी,सविता सिंह,दीपलता देशमुख,ब्लॉक अध्यक्ष अंबिकापुर अमित सोनी,ब्लॉक अध्यक्ष लुंड्रा रणवीर सिंह चौहान,मैनपाट अध्यक्ष रमेश यगयिक,लखन राजवाड़े,अध्यक्ष उदयपुर ओमप्रकाश शाक्य सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।


