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देर से धान खरीदी करने जैसी स्थिति में सरकार ने किसानों को बिचौलियों के हवाले कर दिया-अखिलेश
28-Oct-2021 8:04 PM
देर से धान खरीदी करने जैसी स्थिति में सरकार ने किसानों को बिचौलियों के हवाले कर दिया-अखिलेश

 

1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने भाजपा ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 28 अक्टूबर।
एक नवंबर से धान खरीदी शुरू करने व एमएसपी वृद्धि का लाभ किसानों को देने के साथ-साथ किसानों की अनेकों समस्याओं के समाधान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को राज्यपाल के नाम अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की फसल अब तैयार है, लेकिन शासन द्वारा इस सत्र में इसकी खरीदी को लेकर किसी तरह की घोषणा नहीं किये जाने से किसानों में बेचैनी है। प्रदेश में मुख्य रूप से महामाया और सरना दो किस्म के धान की खेती होती है। इसमें महामाया की कटाई नवम्बर के पहले सप्ताह में पूरी हो जायेगी और सरता की कटाई भी पहले सप्ताह में ही शुरू हो जायेगी। किसानों को कटाई और मिजाई के लिए भी पैसे की जरूरत होती है। इसके साथ ही हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार दीपावली भी पहले सप्ताह में ही होने के कारण किसानों को पैसों की सबसे अधिक आवश्यकता इसी समय होती है।

श्री सोनी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में धान के रकबे को गुपचुप ढंग से कम किए जाने की साजिश भी कांग्रेस सरकार रच रही है। अफसरों पर दबाए डाला जा रहा है, कर्मचारियों को जबरन धान का रकबा कम दिखाये जाने का निर्देश दिया जा रहा है। रकबे को काफी कम कर धान खरीदने के अपने कर्तव्य से प्रदेश सरकार बचना चाह रही है। इसी तरह केंद्र सरकार लगातार फसलों के एमएसपी में वृद्धि करती जा रही है लेकिन छत्तीसगढ़ के किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। कांग्रेस सरकार अपने वादे के अनुसार धान का 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल कीमत एकमुश्त तो नहीं ही दे पा रही है, ऊपर से केंद्र द्वारा हर सत्र में जो समर्थन मूल्य बढाया जा रहा है, उसका भी लाभ किसानों को नहीं दिया जा रहा है। पिछले सत्रों में केंद्र ने धान के समर्थन मूल्य में करीब 300 रुपये की वृध्दि की है। इस अनुपात में प्रदेश के किसानों को अगले फसल के लिए न्यूनतम 2800 रूपये प्रति क्विंटल धान की कीमत एकमुश्त देने की घोषणा करना चाहिए।
 
श्री सोनी ने कहा कि कांग्रेस सरकार किसानों का दाना दाना धान खरीदने का वादा करके वादा खिलाफी कर रही है। देर से धान खरीदी करने जैसी स्थिति में सरकार ने किसानों को बिचौलियों के हवाले कर दिया है। कम से कम धान खरीद ना पड़े और किसान धान को बिचौलियों को बेंच दें,इस साजिश के तहत 1 दिसंबर से धान खरीदी की बात की जा रही है। गिरदावरी के नाम पर रकबा कम होते जा रहा है। यह स्थिति पहले कभी नहीं रही।
 
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह, पूर्व महापौर व नगर निगम नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज, कोषाध्यक्ष राजकुमार बंसल अभिमन्यु गुप्ता अशोक शर्मा आलोक दुबे, संतोष दास सहित अन्य मौजूद थे।

भाजपा ने की मांग
राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर भाजपा पदाधिकारियों ने धान खरीदी हर हाल में एक नवंबर से प्रारंभ करने की मांग की। इसके अलावा कहा धान की पूरी कीमत का भुगतान एकमुश्त हो व पिछला बकाया भुगतान तुरंत हो। केंद्र द्वारा एमएसपी में लगातार किये गए वृद्धि का लाभ किसानों को देना सुनिश्चित हो।

गिरदावरी के बहाने रकबा कटौती पर पूरी तरह रोक लगाए जाएं। कांग्रेस की घोषणा के अनुरूप किसानों का दाना-दाना धान खरीदे जाएं। घोषणा पत्र में किये वादे अनुसार किसानों को दो वर्ष का बकाया बोनस दिए जायें।


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